ब्रांड कानपुर ने कानपुर के ब्रांड्स को दी एक नई पहचान

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Saturday 12th of September 2015 12:52:17 PM

 

 

जिलाधिकारी महोदया डा0 रोशन जैकब की कानपुर को फिर से मैनचेस्टर आॅफ इंडिया की पदवी दिलाने की अनूठी सोच के चलते 2 वर्षों बाद जिला प्रशासन, शहर के उद्यमी और मीडिया के सहयोग से कानपुर महोत्सव समीति द्वारा ब्रांड कानपुर का आयोजन 18 से 22 दिसम्बर तक मोतीझील कानपुर में किया गया। जिसको सफल बनाने मंे कानपुर के अपर जिला मजिस्ट्रेट और कानपुर महोत्सव समीति के सचिव अविनाश सिंह जी का योगदान अतुलनीय है। ‘ब्रांड कानपुर’ को सफल बनाने के लिए उन्होनें अपनी टीम के साथ दिन रात महनत की। प्रस्तुत है उनसे हमारे चीफ एडिटर डा0 प्रदीप तिवारी जी की बातचीत के कुछ प्रमुख अंश।

अविनाश जी, कानपुर महोत्सव समिति द्वारा आयोजित कानपुर महोत्सव का नाम ब्रांड कानपुर क्यों कर दिया गया ?
यह बात बिल्कुल ठीक है जो भी कार्यक्रम होते थे उनको कानपुर समिति द्वारा आयोजित किया जाता था। इस बार जिला प्रशासन का यह उद्देश्य था कि  ऐसी समस्त चीजें चाहे व्यक्ति हो या उत्पाद जिनकी वजह से कानपुर को देश और विदेश में जाना जाता है। जिनकी वजह से कानपुर नगर की अलग पहचान है। तो उनको सभी को सामने लाना और एक मंच पर इकठ्ठा करना। चूंकि उन लोगों को इकठ्ठा करने के बाद इनके पीछे जो एक बात निकलेगी उनको समस्त देश तक पहुंचाना। इसीलिए समस्त ब्रांडो को इकठ्इा किया और इसका नाम ब्रांड कानपुर रखा गया।
दो साल पहले भी यह प्रोग्राम आयोजित किया गया था। पहले के और अब के प्रोग्राम में क्या अन्तर है ?
जो हमारे पहले कार्यक्रम होते थे। उसमें सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे। इस बार का हमारा जो पांच दिवसीय  कार्यक्रम चला जिसमें 18 तारीख की शाम को इसका शुभराम्भ माननीय मंत्री जी के द्वारा किया गया था। उसमें हमारे जो प्रतिदिन कार्यक्रम चलाये गये, उसमें से सबसे पहले जो उद्योग उत्पाद है चाहे गोल्डी मसाले हो, अशोक मसाले हो, घड़ी डिटर्जेन्ट केक, रेडचीफ शूज और हर वह चीज जो कानपुर में बनती है जिनकी ब्रांड की वजह से कानपुर को एक अलग पहचान मिली है। सभी ब्रांडों को एक जगह इकठ्ठा करना ही हमारा प्रमुख व उद्देश्य था। हम लोगों ने वहां पर पांच अलग अलग हैंगरों में 250 से 300 स्टाॅल लगवाये थे। जिसमें से कानपुर नगर के जितने भी उत्पाद है जिनकी अपनी एक अलग पहचान है। जिनकी वजह से कानपुर नगर को जाना जाता है। उन सभी को हम लोगों ने वहां पर एक जगह इकठ्ठा किया था और उन पांचों दिन कानपुर की आवाम वहां पर आयीं और उसको एन्जाॅय किया। जो डेली हमारा कार्यक्रम चलता था। उसमे दोपहर 11 से 2 बजे तक हमारे सभी आयुवर्ग के विद्यार्थियों को अपनी कला जैसे- डांसिंग, सिगिंग, पेन्टिंग, रंगोली, मेहंदी लगाना आदि का प्रदर्शन करने का एक मंच दिया गया। 2 से 5 बजे तक हमने मैनेंजमेंट काॅलेजेंस, इंजीनियरिंग कालेजेस, बड़े इंडस्ट्रियल हाउस के लोगांे को बुलाया। उन सबके बीच में एक स्वस्थ डीबेट का आयोजन कराया गया और विद्यार्थियों के सामने बड़े-बड़े इण्डस्ट्रिस्ट ने अपनी ‘फर्श से अर्श’ तक के पहुंचने की कहानी बतायी। जिससे बच्चों को मोटिवेशन मिल सके। जिला प्रशासन का यह प्रयास था कि इन लोगों की कहानी सुनने के बाद ‘ हर चमकती हुयी चीज के पीछे एक संघर्ष की गाथा होती है।’ जिससे वे बच्चों रूबरू होगें और उन्हें मोटिवेशन मिलेगा। क्योंकि बच्चे हमारे देश के कर्णधार है और यही बच्चे इनसे प्रेरणा लेकर इंडस्ट्री व फैक्ट्री लगाने के लिये आगे बढ़ेंगे। जिला प्रशासन की यह सोच थी कि आज के इस दौर में नौकरी मांगने वाले न बनकर नौकरी देने वाले बने। तो आप ‘ब्रांड कानपुर’ का मुख्य उद्देश्य यह भी कह सकते है कि बच्चों को इन्टरप्रेन्योर शीप के लिये मोटिवेट करना। शाम 6 से 11 बजे तक जो हमारा सांस्कृतिक कार्यक्रम चला उसमें हमने उन प्रतिभाओं को आमंत्रित किया। जिनकी वजह से कानपुर का नाम रोशन हुआ। जैसे अभिजीत भट्टाचार्या, गौरव खन्ना, राजू श्रीवास्तव, अंकिता मिश्रा, विनीती सिंह और इन सभी ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी और कार्यक्रम में सफल बनाया। 

निःसन्देह ब्रांड कानपुर एक सफल आयोजन रहा। इसके पीछे जिला प्रशासन की पूरी टीम ने काम किया लेकिन आप प्रमुख रूप से इसका श्रेय किसको देना चाहेगें ?
सबसे पहले तो मैं कहूंगा कि ये जिलाधिकारी महोदया का एक सपना था और उन्होंने इसकी रूपरेखा बनायी और हमारी पूरी टीम ने मिलजुल कर अपना सहयोग दिया। जिसमें जीएम जीआईसी साहब का भी काफी योगदान रहा। इसके साथ ही जिलाधिकारी महोदया के सपने को साकार करने के लिये हमारे कानपुर के तमाम लोगों ने अपना सहयोग दिया। जिसके बिना हम इस कार्यक्रम को पूरा नहीं कर सकते थे। मैं उन सभी सहयोगियों को धन्यवाद देना चाहूंगा। 

समय के साथ-साथ प्रशासन में पदों पर बदलाव होते रहे हंै, तो क्या यह कार्यक्रम आगे के वर्षांे में भी इसी प्रकार होते रहेगें ?
जब इस कार्यक्रम की मीटिंग हुई थी तो समिति के सदस्यों के द्वारा ये भी बात आयी थी कि इस कार्यक्रम की तारीख हर वर्ष के लिये निश्चित कर दी जाये और अगर तारीख आगे पीछे भी हो जाये तो इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहे। क्योंकि इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें हमारे शहर के जो उद्यमी हैं, इंडस्ट्रियलिस्ट हैं सभी एक प्लेटफार्म पर एकत्रित होते हैं, और उनके विचारों से हमारे आज के विद्यार्थी अपने उज्जवल भविष्य का सपना बुनते हैं और इसी को ध्यान में रखकर मोटिवेशन के लिये शिवखेड़ा जी को आमंत्रित किया गया था। जिनके कार्यक्रम के बाद यहां बच्चों में ही नहीं बड़ों में भी रचनात्मक सुधार के साथ एक नई ऊर्जा देखने को मिल रही है और यहां के यूथ को ऊर्जावान बनाने के लिये हम इस कार्यक्रम के क्रम को जारी रखेंगे। वैसे भी हमारी कानपुर महोत्सव समिति एक रजिस्ट्रर्ड समिति है। जिसके तले हमने ‘ब्रांड कानपुर’ का आयोजन किया। इस बार हमने ब्रांड कानपुर का एक लोगो भी जारी किया है। हर वर्ष हम लोग अच्छे काम करने वालों को और जिला प्रशासन का सहयोग करने वालों को ब्रांड कानपुर के बैनर तले प्रोत्साहित करते रहेगें। मेरा यह मानना है कि जिला प्रशासन कानपुर की आवाम के सहयोग से हम इस कार्यक्रम को जारी रखेगें। 

आपने इस कार्यक्रम की समीक्षा भी की होगी। क्या कमी रही इसमें ?
देखिए आप कह सकते है यह हमारा अपना कार्यक्रम था तो मुझे तो कोई कमी दिखी नहीं इसमें। हां एक दो चीजें जरूर थी जिससे कार्यक्रम में थोड़ी दिक्कतंे आयी लेकिन वो हमारे बस में नहीं थी। जैसे मौसम ने हमारा साथ बिल्कुल नहीं दिया, लेकिन कानपुरवासियों ने हमारा पूरा साथ दिया। जिससे अगली बार कार्यक्रम का दिन निश्चित करने से पहले हम मौसम को जरूर ध्यान में रखेगें कि ठंड थोड़ी सी कम हो जिससे हमारे कानपुर वासी कार्यक्रम का लुत्फ उठा सके। इस पूरे कार्यक्रम का एक राइटप बनाकर एक सीडी शासन को भी भेजी जा रही है और उम्मीद करते है कि अगली बार से इस ‘ब्रांड कानपुर’ को सरकार की तरफ से कुछ फण्ड भी मिले। जैसा कि सैफई महोत्सव व ताज महोत्सव में होता है।

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