जरुरी है अपराध की डे टू डे मॉनिटरिंग .. सर्वानंद सिंह यादव

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Wednesday 7th of October 2015 05:12:53 PM

 

 

 

 

प्रश्न- आप कहाँ के रहने वाले है, और आपकी प्रारम्भिक शिक्षा कहाँ से प्राप्त हुई ?
उत्तर- मेरा जन्म उत्तर प्रदेेश के जिला गाजीयापुर के एक गाँव बरेजी का है। मेरी प्रारम्भिक शिक्षा वही की बेेसिक प्राइमरी पाठशाला में हुई और आगे की पढ़ाई में इण्टरमीडिएट मैने दिलदार नगर के आदर्श विधालया से किया। उसके बाद डा0 ताराचन्द्र छायापवास में रहकर मैने (बी.ए.व एम.ए.) उत्र्तीण किया। उसी दौरान विश्वधालय अनुदान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परिक्षा व जुनियर रिसर्च फैलोशिप दोनांेे परिक्षा मैनंे पास की। उसके उपरान्त मैं काशी विश्विधालय में रिसर्च स्काॅलर रहा। इसी बीच मैनें कई प्रतियोगी परिक्षाओें में सम्मलित हुआ और सिविल सेवा पी.सी.एस का इम्तेहान दिया। अतं मंे 1992 बैच में प्रादेशिक पुलिस सेवा में मेरा चयन हुआ।

प्रश्न- आपकी पहली पोस्टिंग कहाँ पर हुई ?
उत्तर- मेरी पोस्टिंग डिप्टी एस.पी. के पद पर मुज्फ्फर नगर में हुई। उसके बाद मैं क्रमशः हाथरस, रानपुर, उन्नाव, गाजियाबाद, नोएडा, पीलीभीत, अमरोहा में रहा। कानपुर देहात एडिशनल एस.पी. के पद पर ज्वाइनिंग से पहले मैं उन्नाव मंे ए.एस.पी. था।

प्रश्न- कानपुर देहात में काम करना, कैसा अनुभव रहा ?
उत्तर- जैसा की आप अवगत होगंे कि कानपुर देहात जनपद मूलतः‘ कानपुर नगर में बिल्कुल अलग है। यहाँ यमुना मदीका किनारा भी है। और पहले यहाँ पर डकैतों का डर भी था पर अब करीब-करीब सभी गैंग खत्म हो चुके हैं। यहाँ का बेहमई कांड काॅफी चर्चित रहा, वो जगह भी हमारे कार्यक्षेत्र में आती है। जहाँ पर हमारी पुलिस चैकी भी है । जैसे-जैसे गिरोह बदले अपराध का नेचर भी बदला है। यह जनपद मूलरूप से तीन हाईवे से धिरा हुआ है। जिससे यहाँ हाईवे पर जो अपराध होता है, उसकी प्रबल सम्भावनाएं रहती हैं। जैसे जहरखुरानी, गाडि़यों के ट्रक लूट लेना। इस तरह की घटनाएं यहाँ होती है और मुख्यतः इसी प्रकार के अपराध की यहाँ प्रबल सम्भावना रहती है।

प्रश्न- यहाँ पर कुल कितने थाने है और पुलिस के लिए यहाँ काम करना कितना चुनौतीपूर्ण है?

उत्तर- यहाँ पर एक महिला थाने को मिलाकर कुल 16 थाने है कुछ थानों की दूरी तो इतनी है एक जिनका रेडियस करीब 30-40 कि.मि होगा। जिसकी वजह से हमारा रिसपाँस टाइम बढ़ जाता है। हमने कुछ नये थानों के लिए भी शासन से अनुरोध किया है, जो की शासन की नीतियों के अनुरूप उनका सृजन भी होगा। लेकिन फिर हमारा प्रयास प्रयास रहता है कि किसी भी घटनास्थल पर हमारा पुलिस कर्मी श्थाशीघ्र पहुँच जाये।

प्रश्न- अकसर पुलिस पर राजनीतिक या अन्य दबाव की बातें सुनने में आती है आप क्या कहेंगे इस पर ?

उत्तर- देखिए हम लोग लाकतांत्रिक वयवस्था में काम करते है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिक को चाहे वो जन प्रतिनिधि हो न सामान्य नागरिक हो यह अधिकार है कि वह अपनी बात सक्षम अधिकारी तक पहुँचाये। जन प्रतिनिधि भी जनता की समस्या को लेकर हो आते है। और फिर यह हमारा काम है कि हम यह डिसाईड करें कि उनके द्वारा कही जा रही यह बात सही है या गलत। मैंने अपने अभी तक के कार्यकाल में किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव नही महसूस किया और न ही कभी किसी ने बनाया। हमारा काम उनकी बात को सुनना है और जो भी सही तथ्य सामने आये उसके अनुसार कार्यवाही करना है।

प्रश्न- लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। अकसर देखने को मिलता है चुनाव के समय कुछ अपराधी या फिर असलहों को काम में तेजी आ जाती है खासकर गाँव देहातोें मे आप इस पर कैसे नजर रखते हैं ?

उत्तर- अपराधियों पर कार्यवाही तो पुलिस डे-टू-डे करती रहती है। फर्क सिर्फ इतना पड़ जाता है कि उसकी माॅनीटरिंग अधिक करनी पड़ती है। दूसरी चीज यह की इस दौरान एक पिन प्वाइनटेड प्रोग्राम शुरू हो जाता है जिसमेें हमको समय पर लगता होगा कि पुलिस के द्वारा कार्यवाही भी अधिक की जाती है खासकर चुनाव के समय पर असलहों की रिकवरी चेकिंग के दौरान मिल जाती है। कई ऐसे तत्व मिल जाते हैं जिनके पास अवैध असलहे होते है जिन पर हम प्रयास करते है कि तुरन्त अपराधिक कार्यवाही की जाए। जो पहले से प्रकाश में आये होते हैं, हम उनके यहाँ दबिश देकर, इन्फार्मेशन कलेक्ट कर, उन्के खिलाफ कार्यवाही करते हैं। चुनाव के दौरान हमारा काम करने का तरीका पिन प्वाइंन्टेड हो जाता है ।

प्रश्न- कानपुर देहात में पुलिस और प्रशासन का तालमेल कैसा है?

उत्तर- बहुत अच्छा तालमेल है यहाँ पर जिलधिकारी महोदय और पुलिस अधक्षिक महोदय के नेतृव्व में पूरे जनपद की जो भी मशीनरी है, हम लोगों का आपस में बहुत अच्छा सनन्वय है, अभी हाल ही मेें माननीय मुख्यमंत्री जी को एक ही दिन में दो कार्यक्रम हम लोगों ने मिलकर सम्पन्न कराये हे जो इस बात का स्पष्ट परिचायक है कि दोनों विगंस में कितना अच्छा अपसी व परस्पर तालमेल है।

प्रश्न- हमारी पत्रिका के माध्यम से अपने जनपद वासियों को कोई सन्देश देना चाहते है?

उत्तर- मैं सिर्फ इतना कहूँगा की आपका जो ध्येय है, जनता के पास सही चीज को प्रस्तुत करना आप इसमें सफल हों। आपकी पत्रिका के लिए मेरी यह कामना है, अपेक्षा है की आप अपनी पत्रिका के माध्यम से इन सब चीजों को जो पुलिस के सामने चुनौतियाँ है, जो पुलिस से लोगों को उपेक्षाएं है, उनको उजागर करेंगे और समाज के सामने एक अच्छा दपर्ण, जिसमें समाज का अच्छा चेहरा दिखे वो आप प्रस्तुत करेंगे।

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