मीटर बदलने में देरी होने पर केस्को से मिल सकेगा मुआवजा

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Monday 4th of January 2016 05:56:31 PM

कानपुर ।कनेक्शन कटने के बाद 24 घंटे में न जोड़ने पर प्रतिदिन देरी होने पर 100 रुपये का मुआवजा डिस्कॉम द्वारा उपभोक्ता को देना होगा। हालांकि इसके लिए उपभोक्ता को डिस्कॉम पर दावा करना पड़ेगा। तभी मुआवजा मिल सकेगा। 
 जला हुआ मीटर न बदलने पर बिद्युत कम्पनी को तीन दिन बाद से प्रति तीन दिन का सौ रुपये का हर्जाना उपभोक्ता को देना होगा। यह राशि नकद या बिजली के बिल में भी समायोजित की जा सकती है। इसके अलावा खराब मीटर बदलने भार में कमी करने अथवा बढ़ोत्तरी करने की भी समय सीमा तय कर दी गयी है। समय सीमा समाप्त होने के बाद बिजली आपूत्तर्ि कम्पनी से उपभोक्ता हर्जाना वसूलने का हकदार होगा। उत्तर प्रदेश विद्युत आपूत्तर्ि संहिता 2004-5 के अनुच्छेद 7 में गारंटेडशुदा मानक के तहत बिजली की आपूत्तर्ि व्यवस्था का प्रावधान है। इसी के तहत इस अनुच्छेद में ही सेवा प्रदाता बिजली कम्पनी द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने पर उपभोक्ता मुआवजा लेने का हकदार होगा। इस सम्बंध में उपभोक्ता संरक्षण एवं कल्याण समिति के सचिव पदम मोहन मिश्र का कहना है कि जला हुआ मीटर तीन दिन में बदल जाना चाहिए। यदि जला हुआ मीटर बदलने में देरी हो तो प्रति 3 दिन के सर्किल के हिसाब से सौ रुपये की दर से बिजली आपूत्तर्ि कम्पनी को हर्जाना देना होगा। विद्युत आपूत्तर्ि संहिता के मुताबिक 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर पर यह नियम लागू है। इसलिए केस्को में भी यह नियम लागू है। चूंकि केस्को स्वंय ही मीटर खरीदता है, उसकी टेस्टिंग भी करता है। मीटर लगाने का काम भी वह स्वयं ही करता है। ऐसी दशा में मीटर में आने वाले किसी प्रकार के दोष के लिए केस्को ही जिम्मेदार होगा। मीटर की गुणवत्ता के आधार पर ही मीटरों को भारतीय मानक ब्यूरों द्वारा ही प्रमाणित होता है। घर-घर जाकर मीटर की रीडिंग करना डिस्कॉम की जिम्मेदारी हमेशा ही रही है। ऐसी दशा में मीटर के खराब हो जाने, जल जाने, रीडिंग न देने, मीटर तेज व धीमा चलना डिस्कॉम की ही जिम्मेदारी है। 

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