माया और मुलायम का मोदी पर एक साथ वार

Posted by: राधिका प्रकाश Friday 11th of November 2016 04:41:37 PM

500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले पर एसपी और बीएसपी ने करारा हमला बोला है. यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने जहां इसे अघोषित आर्थिक इमरजेंसी तक करार दे दिया तो वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कहा कि नोट बंद होने का फैसला कुछ दिन के लिए वापस हो.

500 और 1000 रुपये के नोट बंद करना आर्थिक आपातकाल: मायावती

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने देश में 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले को आर्थिक आपातकाल करार देते हुए कहा कि उनकी नीयत साफ नहीं है. बीएसपी अध्यक्ष ने गुरुवार सुबह पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देश की सीमा पहले की तरह ही असुरक्षित है. मोदी सरकार से जनता मायूस है. सरकार का ध्यान किसानों की ओर न जाकर देश के बड़े-बड़े पूंजीपतियों की ओर है.

बीएसपी प्रमुख ने कहा कि लोगों का चुनाव से ध्यान हटाने के लिए बड़े नोटों को बंद करने का कदम उठाया गया है. उन्होंने कहा, मोदी ने गरीबों के बारे में नहीं सोचा है. इससे बीजेपी को आर्थिक मजबूती मिली है. अभी तक विदेश से कालाधन नहीं आया है. नोट के बंद होने के बाद से हर तरफ हाहाकार मच गया है. प्रधानमंत्री मोदी के इस फैसले से आम जनता के दैनिक कार्य प्रभावित हुए हैं.

जनता में त्राहि-त्राहि मचाने वाला कदम: मायावती

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने केन्द्र सरकार पर 500 रूपये और 1000 रुपये के नोटों की वैधता समाप्त करके देश में अघोषित आर्थिक इमर्जेन्सी जैसा वातावरण पैदा करने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने ढाई साल के अपने कार्यकाल में अपना पूरा बंदोबस्त करने के बाद जनता में त्राहि-त्राहि मचाने वाला यह कदम उठाया.

मायावती ने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आता देख अपनी कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिये चुनाव से ऐन पहले देश में कालेधन पर अंकुश लगाने के लिये इमरजेंसी लगाने जैसा वातावरण पैदा किया है. इससे देश में 90 प्रतिशत लोग दुखी हैं.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले के बाद लोगों में यह चर्चा है कि केन्द्र ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में अपना और अपनी पार्टी की आर्थिक मजबूती का सारा बंदोबस्त कर और पूंजीपतियों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाने के बाद आम जनता को परेशान करने का ये कदम उठाया है. जब यह पूरा काम हो गया तो उनको काले धन की याद आयी.

यूपी चुनाव में BJP को सख्त सजा देगी जनता

बीएसपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केन्द्र ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले गरीबों के बारे में नहीं सोचा. मायावती ने कहा, मैं कहना चाहती हूं कि इस फैसले से कालाबाजारी बढ़ गयी है. कुछ देर के लिये पेट्रोल पम्पों पर लूट हुई. बीजेपी ने उनसे साठगांठ की है कि जितना कमाना है कमा लो, कुछ हिस्सा हमको दे देना. अस्पतालों और मेडिकल स्टोर पर लोगों को भारी परेशानियां हुईं.

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा नुकसान गरीबों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों को हुआ. बीजेपी का वोट बैंक वे गरीब लोग नहीं हैं. जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी एण्ड कम्पनी को इसकी सख्त सजा देगी.

बीएसपी अध्यक्ष ने कहा कि बड़े करेंसी नोट अचानक बंद करने के फैसले को भी देखा जाए तो यह भी उस मानक पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता, जिसकी केन्द्र सरकार कल्पना कर रही थी. जो तस्वीर उभरी है, उससे पूरे देश में हर तरफ अफरातफरी का माहौल है. परसों रात लोग सड़कों पर ऐसे उतरे मानो भूकम्प आ गया हो. कश्मीर से कन्याकुमारी तक जनता में त्राहि त्राहि मच गयी.

मोदी की तारीफ करके अंधभक्ति कर रहे हैं बीजेपी अध्यक्ष

मायावती ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह केन्द्र सरकार द्वारा 500 रूपये और 1000 रुपये के नोटों की वैधता खत्म किये जाने को सर्जिकल स्ट्राइक बताकर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करके अंधभक्ति कर रहे हैं. सर्जिकल स्ट्राइक का क्षेत्र सीमित और लक्षित होता है. अगर देश के 500 या 1000 बड़े पूंजीपतियों के यहां एक साथ छापेमारी होती तो इसके काले धन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक माना जाता और जनता भी इसकी सराहना करती.

उन्होंने कहा कि देश में छुपाकर रखा गया कालाधन बाहर निकालने के लिये केन्द्र की हाल की योजना में अपनी सम्पत्ति घोषित करने वालों के नाम सरकार ने उजागर नहीं किये हैं. यह भी चर्चा है कि इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ गुजरात के लोगों ने उठाया है. उस कालेधन की रकम जो सरकार के खजाने में आया है, उससे दलितों और गरीबों के हित में कार्य किये जाने चाहिये था.

पहले जैसी ही बनी हुई है बेरोजगारी और महंगाई

बीएसपी अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र की पिछली कांग्रेस और वर्तमान बीजेपी सरकार के चाल, चरित्र, चेहरा, नीति और नियत में तिल भर भी परिवर्तन नजर नहीं आ रहा है. मायावती ने कहा कि पहले की ही तरह हर स्तर पर देश के लोगों में मायूसी छायी है. बेरोजगारी, महंगाई पहले जैसी ही बनी हुई है. विशेषकर दलित, पिछड़े, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग विभिन्न स्तरों पर जुल्म और ज्यादती के शिकार हो रहे हैं. हर समय उन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का डंडा चलता रहता है.

उन्होंने प्रधानमंत्री की जाति का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी कहते हैं कि वह पिछड़ी जाति के हैं लेकिन मूल रूप से वह अगड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं. जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने पिछड़े वर्ग का फायदा लेने और उसके अधिकारों में कटौती करने के लिये अपनी जाति को पिछड़ी जातियों में शामिल कर लिया. बीएसपी अध्यक्ष ने इस अवसर पर गत नौ अक्तूबर को दिये गये अपने भाषण की सीडी और पुस्तिका भी जारी की.

फैसला कुछ दिनों के लिये वापस ले मोदी सरकार: मुलायम सिंह यादव

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोटों की वैधता अचानक खत्म किये जाने को एक तरह की अराजकता फैलाने वाला कदम करार देते हुए आज इसे कुछ दिनों के लिये वापस लेने की मांग की. यादव ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि देश का ज्यादातर काला धन विदेशी मुद्रा या सोने के रूप में पड़ा है और बड़े करेंसी नोटों की वैधता खत्म किये जाने से केवल आम नागरिक ही परेशान हो रहा है.

उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने विदेशी बैंकों से काला धन लाने के बजाय देश में एक तरह की अराजकता फैला दी है. बीजेपी को केवल चुनाव दिख रहा है, देश नहीं. पूर्व रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा, मोदी देश को कुछ बड़े लोगों के हाथ गिरवी रखना चाहते हैं. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने आपात्काल घोषित किया था और मीसा की तामील की थी. केन्द्र के इस कदम से एक बार फिर वैसी ही स्थिति पैदा हो रही है. मोदी ने एक झटके में सबको नजरबंद कर दिया है.

आम जनता को दिया जाए 10 दिन या एक हफ्ते का मौका

मुलायम सिंह यादव ने कहा, हमारी मांग है कि इस घोषणा को थोड़े दिनों के लिये वापस लिया जाए. आम जनता को 10 दिन या एक हफ्ते का मौका दिया जाए. उसके बाद कोई रियायत ना दी जाए. उसके बाद आप (केन्द्र) काला धन निकलवाइये. हम आपके साथ हैं. यादव ने यह भी मांग की कि केन्द्र सरकार को हर महिला को प्रति माह अधिकतम पांच लाख रुपये बैंक में जमा करने की अनुमति दी जानी चाहिये. साथ ही यह आश्वासन भी दिया जाना चाहिये कि उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.

एसपी मुखिया ने कहा कि वह भी काले धन के खिलाफ हैं और ऐसी रकम के खिलाफ समाजवाद के प्रणेता राम मनोहर लोहिया के बाद सिर्फ एसपी ने ही सार्थक लड़ाई लड़ी है और दाम बांधो नीति’ की पैरोकारी की है.

 

किसान के सामने आत्महत्या के सिवा कोई रास्ता नहीं

एसपी मुखिया ने कहा कि केन्द्र सरकार के कदम से अस्पतालों में त्राहि-त्राहि मची है. आम लोग अपनी सामान्य जरूरतों का सामान नहीं खरीद पा रहे हैं, कन्याओं का विवाह रक गया है. व्यापार ठप हो गया है. व्यापार बंद होने से किसान के सामने आत्महत्या के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा. रियल एस्टेट कारोबार चौपट हो जाएगा. इस कदम से बेकारी भी बढ़ेगी.

मुलायम ने कहा, हम इसका विरोध करेंगे और इसके खिलाफ जनमत तैयार करेंगे. मेरा विश्वास है कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर देशहित में इसका विरोध करेगा. इस सवाल पर कि केन्द्र सरकार के कदम से विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही पार्टियों पर क्या असर पड़ेगा, एसपी मुखिया ने कहा चुनाव में तो बधिया (बट्टा) बैठ जाएगी.

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