प्रकति सब कुछ सिखाती है

Posted by: जयंत कुमार Sunday 23rd of April 2017 10:27:35 AM

मनुष्य जीवन भर भटकता रहता है:गायत्री परिवार पावन कथा और 5 कुंडली महायज्ञ का तीन दिवसीय आयोजन जे ब्लाक सेंट्रल पार्क मैदान विश्व बैंक बर्रा में रविवार के दिन समाप्त हुआ। 21अप्रैल को भव्य कलश यात्रा से आयोजन का शुभारंभ जब हुआ तो भक्त गढ़ बड़े ही भाव विभोर होकर नाचते गाते कलश यात्रा को गायत्री परिवार ने पूरे जे सेक्टर में घूम घूम कर क्षेत्रवासियों को पुराण कथा के लिए आमंत्रित किया। कथा वाचक ने बताया कि भगवान के अलावा जिव का कल्याण करने वाला इस संसार में कोई दूसरा बी नही है लेकिन इस बात को ये जीव समझना नही चाहता, कुयोकि ईश्वर यश और अपयश कुछ भी लें नही चाहता। उसने मनुष्य रूपी जीव में बुद्धि नामक एक यंत्र डाल दिया है जिससे वो अर्थात मनुष्य अपने अहंकार में दर दर घुमा करता है। जो भी कुछ होता है वो अपनी भुजाओं का बल और अपनी बुद्धि का नतीजा कहता है लेकिन जब तक उसको उस परम शक्ति का अहसास होता है तब तक उसके जीवन में देर हो चुकी होती है। ईश्वर ने हमे सीखने के लिए हमसे यानि स्वम से सर्वश्रेष्ठ गुरु कोई नही प्रकति सब कछु हमे दिखती है और समझाती भी है परंतु हम मोह के कारण कुछ सिखना नही चाहते। गायत्री परिवार आपको उस परम शक्ति से परिचित करवाने के लिए हमेशा ततपर है। 22अप्रैल को पावन कथा जब गायत्री परिवार ने शुरू की तो मानो भक्तो की भीड़ सेन्ट्रल पार्क में उमड़ पड़ी 23अप्रैल को गायत्री परिवार की तरफ से जनेव और महायज्ञ का आयोजन में 150 लोगो ने जनेव सँस्कार कराया।महायज्ञ में सैकड़ो लोगो ने महायज्ञ में भाग लिया। अपनी श्रद्धा अनुसार भक्तो ने गायत्री परिवार को दक्षिणा भी दी। 5बजे से अखिल भारतीय गायत्री परिवार संगीतमय भजन दीप, भक्तो की टोली के साथ विदाई समारोह का कार्यक्रम में भाग लेने वाले भारी संख्या में भक्त गढ़ एकत्रित हुए। कार्यक्रम के आयोजन सुरेश त्रिपाठी उर्फ़ मामा, आशीष त्रिपाठी,पंकज, रामजी,आभा आदि भक्त गढ़ एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के लोग उपस्थिति रहे।

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