केंद्र सरकार का बुनकरों को झटका

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Thursday 16th of April 2015 11:26:11 AM

मेक इन इंडिया का नारा बुलंद करने वाली केंद्र सरकार ने कानपुर सहित प्रदेश भर के लाखों बुनकरों को बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को 20 और उत्‍पादों के निर्माण्‍ा में लघु उद्योगों का एकाधिकार खत्‍म कर दिया था। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष से राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम को बंद (डीलिंक) कर दिया है।


इससे नए क्लस्टर डेवलपमेंट, एक्सपो, मार्केटिंग सहित तमाम योजनाओं के कार्य प्रभावित होंगे। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए 65.90 करोड़ रुपये का बजट तैयार हुआ था। योजना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से चल रही थी। 

केंद्र सरकार से 39 करोड़ रुपये आनेे थे। अब राज्य सरकार अपने मद के 26.83 करोड़ रुपये ही खर्च कर सकेगी। शहर में 25 हजार से अधिक बुनकर हैं। इनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब एक लाख अन्य लोग भी योजना के बंद होने से प्रभावित होंगे। 

प्रतिस्पर्धात्मक उत्पाद तैयार करने, क्लस्टर डेवलपमेंट करने, कौशल विकास करने, ऋण सहायता, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मदद करने, यार्न डिपो स्थापित करने आदि में बुनकरों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने 10वीं पंचवर्षीय योजना में राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम शुरू किया था। 

यह कार्यक्रम 12वीं पंचवर्षीय योजना 2012-2017 में भी शामिल रहा है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के लिए 50 से लेकर 100 फीसदी तक मदद मुहैया कराती थी। कुछ योजनाओं में राज्य सरकार भी मदद करती थी। 

भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम को डीलिंक किए जाने के बाद से इस योजना को राज्य सरकार अपने मद के बजट से चलाएगी। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया गया है।

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