काटजू के तीखे वार

Posted by: राधिका प्रकाश Saturday 22nd of October 2016 04:41:51 PM

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज मार्केंडेय काटजू ने कहा, अब वोट और इलेक्शन का जमाना खत्म हो रहा है। हर जगह भ्रष्टाचार और अन्याय है। अब क्रांति और बंदूक की जरूरत है। जल्द ही हर देशवासी के हाथों में बंदूक होगी। बिना लड़ाई के कुछ नहीं होने वाला है। चीन की क्रांति के दौरान जितनी जानें गई थीं, शायद उससे कहीं ज्यादा जानें इस क्रांति में जाएं। इस दौरान उन्‍होंने ये भी कहा कि देश की जनता के दिमाग में गोबर भरा है।
काटजू शुक्रवार को IIT कानपुर के कल्चरल फेस्ट अंतराग्नि 2016 के टॉक शो में पहुंचे थे। वे यहां स्टूडेंट्स से सीधा संवाद कर रहे थे। यहां उन्‍होंने देश के 50 फीसदी सांसदों को क्रिमिनल और 100 फीसदी सांसदों को भ्रष्ट बताया। साथ ही देश की ज्‍यूडिशियल और एडमिनिस्‍ट्रेटिव सिस्‍टम को भी पूरी तरह से भ्रष्ट बताया। धर्म और जाति के नाम पर वोट मांगने वाले नेता, गुंडे और गैंगस्टर हैं। एक समय बाल ठाकरे गुंडा था, अब वही गुंडागर्दी राज ठाकरे कर रहा है। बाल ठाकरे के निधन पर राष्ट्रपति, पीएम, सोनिया गांधी और दूसरे नेताओं का संवेदना प्रकट किया जाना भारत में ही संभव है। देश में भूख, गरीबी, रोजगार और विकास नेताओं को नहीं दिख रहा है। यहां उन्‍हें राम मंदिर और जाति दिख रही है।
काटजू ने आगे कहा, भारत को पाकिस्तान से नहीं, बल्कि उसके पीछे खड़े सुपर पावर चाइना से युद्ध करना पड़ेगा। पाकिस्तान की औकात दो कौड़ी की है। वो केवल चाइना के बल पर कूद रहा है। किसी को धोखे से मारना सर्जिकल स्ट्राइक नहीं है। अब पाक के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करना आसान नहीं है। पॉलिटिशियन अपने फायदे के लिए सेना को बलि का बकरा बना रहे हैं। कश्मीर में अब कोई विकास नहीं होगा, बल्कि अब वहां हर एक नागरिक के हाथ में बंदूक होना जरूरी है। वहां के हालात को दोनों देश सुधारना नहीं चाहते हैं।
काटजू ने कहा, देश को रिजर्वेशन खोखला कर रहा है। इसे पूरी तरह से खत्म करने की जरूरत है। इसे केवल वोट बैंक के लिए चलाया जा रहा है।
काटजू ने बीजेपी को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बीजेपी के पास चुनाव जीतने के लिए अब सिर्फ मुस्लिमों का खून बहाना, पाकिस्तान से युद्ध करना या राम मंदिर का मुद्दा का ही रह गया है। अब यूपी चुनाव सिर पर है, ऐसे में बीजेपी के पास सांप्रदायिकता फैलाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। जातिगत समीकरण के हिसाब से केवल 18 फीसदी अगड़ो का वोट बैंक है। दलितों के वोट बैंक पर मायावती कुंडली मारकर बैठी हैं। यादव कहीं और हिलने वाले नहीं हैं। ऐसे में बीजेपी के पास धर्म की आग भड़काने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। 
 

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