अस्पताल में भारी बवाल देख स्वास्थ्यकर्मी और मरीज जान बचाके भागे

Posted by: राधिका प्रकाश Tuesday 29th of November 2016 04:04:40 PM

कानपुर के सिविल लाइंस स्थित भार्गव अस्पताल में मरीज की मौत पर सोमवार रात परिजनों ने जमकर बवाल किया। डॉक्टरों से धक्का-मुक्की की और कर्मचारियों को जमकर पीटा। दहशत में डॉक्टरों ने स्वयं को आईसीयू में बंद करके चैनल पर ताला डाल दिया। इससे भीतर फंसे मरीज और उनके तीमारदारों को खासी परेशानी हुई। डॉक्टरों, नर्सों के साथ अन्य स्टाफ भी भाग खड़ा हुआ। कई मरीज भी बेड छोड़ कर भाग गए। कई थानों की फोर्स, सिटी मजिस्ट्रेट और आईएमए अध्यक्ष प्रवीण कटियार मौकेपर पहुंचे। सीओ का कहना है कि तहरीर लेकर मामला दर्ज किया जाएगा।
चुन्नीगंज निवासी सिविल इंजीनियर मो. शहजाद की पत्नी शिक्षिका नूर अफरोज (31) को 23 नवंबर की दोपहर पित्त की थैली में पथरी के आपरेशन के लिए अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने उसी रात आपरेशन कर नूर को वेंटीलेटर पर डाल दिया। तब से कोई हाल-चाल नहीं बताया गया। सोमवार शाम घर की महिलाओं को शक हुआ और उन्होंने वेंटीलेटर पर जाकर नूर को टटोला तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी थी। इस पर गुस्साए परिजनों ने आरोप लगाया कि जानबूझ कर मौत के बाद भी वेंटीलेटर पर रखा गया। परिजनों ने आईसीयू में मौजूद डॉक्टरों से धक्का-मुक्की कर कर्मचारियों को घसीट कर पीटना शुरू कर दिया। काउंटर पर रखा फोन तोड़ दिया। अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। खाली अस्पताल का हाल यह था कि एक मरीज महजबी के खून चढ़ रहा था और देखने वाला कोई नहीं था। इसी तरह आपरेशन थिएटर से निकली जन्नतुनिशा को भी देखने वाला कोई डॉक्टर नहीं था।
 

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