लंबी पढ़ाई से बोरियत.. अपनाएं STUDY के ये साइंटिफिक तरीके

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Friday 19th of February 2016 07:42:56 AM


लगातार काम या पढ़ाई करने और एक ही विषय पढ़ने से बोरियत होती है। यह ह्यूमन साइकोलॉजी है। परीक्षा लंबे समय तक चलती है, ऐसे में यह जरूरी कि स्टूडेंट्स पढ़ाई के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और कुछ नयापन लाएं।
साइंटिफिक और मनोवैज्ञानिक तरीके...
दुनियाभर में पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए शोध हो रहे हैं। नए मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक तरीकों का ईजाद हो रहा है, ताकि विद्यार्थी बिना बोर हुए कम समय में ज्यादा से ज्यादा ग्रहण कर सकें। आज कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बात करेंगे, जिसे वैज्ञानिकों और मनोवैज्ञानिकों ने मान्यता दी है। साइंस और रिसर्च जर्नल पर आधारित पढ़ने के इन वैज्ञानिक तौर-तरीकों के बारे में बता रहे हैं ..म सीरियल देखते समय ब्रेक लेते हैं, खेलने में ब्रेक लेते हैं, तो पढ़ाई में क्यों नहीं। आखिर हम इंसान हैं। एक ही चीज लगातार नहीं कर सकते हैं।
दुनियाभर के मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि परीक्षा के समय 20 से 50
मिनट का स्लॉट बनाकर ही पढ़ना चाहिए। इसमें 5 से 10 मिनट का रिलैक्सेशन ब्रेक जरूर लेना चाहिए।
मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि टाइम स्लॉट में पढ़ने से दिमाग में चीजें काफी समय तक और स्पष्ट रहती हैं।
लगातार मैथ के फॉर्मूले, केमेस्ट्री के लॉग टेबल... आपको बोर कर सकते हैं। यह देखा जाता है कि परीक्षा के
दौरान छात्र एक ही विषय को तबतक पढ़ते हैं जबतक उसकी तैयारी पूरी नहीं हो जाती। ऐसा नहीं करना चाहिए।
मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि जैसे आप एक ही खाना बार-बार खाकर बोर हो जाते हैं, वैसे ही दिमाग एक ही विषय को अधिक समय तक पसंद नहीं करता है। मसलन सब मिक्स करके पढ़ें। पढ़ाई इंटरेस्टिंग और फ्लेवर्ड होगी।
 

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