पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन सब्सिडी के तौर पर मांगे 8183 करोड़ रुपए

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Tuesday 11th of November 2014 07:05:58 AM

नई दिल्ली ।  पेट्रोलियम मंत्रालय ने 8,183 करोड़ रुपए से अधिक की नकद सब्सिडी मांगी है ताकि आईओसी जैसी खुदरा कंपनियों को सितंबर की तिमाही में डीजल और रसोई ईंधन की बिक्री से हुए एक तिहाई नुकसान की भरपाई की जा सके।  इंडियन आयल (आईओसी), भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) को जुलाई से सितंबर की तिमाही में करीब 24,563 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हुआ। मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि इसमें से उत्खनन तेल एवं गैस उत्पादों - ओएनजीसी, ऑयल इंडिया लिमिटेड और गेल इंडिया लिमिटेड - 16,379.55 करोड़ रपये की भरपाई करेंगी और शेष 8,183.33 करोड़ रपये नकद सब्सिडी के तौर पर सरकार से मांगा जा रहा है।  ईंधन विक्रेताओं ने सरकार नियंत्रित दरों पर डीजल, घरेलू एलपीजी और केरोसिन की बिक्री की जो दूसरी तिमाही में बाजार मूल्य से कम थी। इसलिए जो नुकसान उन्हें होता है उसकी भरपाई सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली नकद सब्सिडी और ओएनजीसी जैसी उत्खनन कंपनियों की सहायता से होती है। उत्खनन कंपनियों में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएजीसी) 13,641.25 करोड़ रुपए, ओआईएल 2,238.30 करोड़ रुपए और गेल 500 करोड़ रुपए प्रदान करेगी।  गेल ने बिना सब्सिडी भुगतान का आकलन किए दूसरी तिमाही के नतीजे की घोषणा की है और अब उसे इसे समायोजित करना पड़ेगा। आईओसी को उत्खनन कंपनियों से 9,097.81 करोड़ रुपए, एचपीसीएल को 3,750.95 करोड़ रुपए और बीपीसीएल को 3,530.79 करोड़ रुपए मिलेंगे।  अप्रैल से जून की तिमाही में तीनों ईंधन खुदरा विक्रेताओं को डीजल, घेरलू एलपीजी और केरोसिन पर कुल मिलाकर 28,690.74 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसमें से 15,546.65 करोड़ रुपए या 54 प्रतिशत की भरपाई उत्खनन कंपनियों ने की और शेष 11,000 करोड़ रुपए की नकद सब्सिडी सरकार द्वारा दी गई।  सूत्रों ने बताया कि डीजल को नियंत्रण मुक्त किए जाने के फैसले के मद्देनजर सरकार तीसरी तिमाही से अब इस पर सब्सिडी प्रदान नहीं करेगी। सिर्फ घरेलू एलपीजी और केरोसिन पर सब्सिडी दी जाएगी। पेट्रोल की कीमत जून 2010 में नियंत्रणमुक्त की गई थी।

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