नहीं घटी ईएमआई, निराश हुआ बाजार

Posted by: राधिका प्रकाश Thursday 8th of December 2016 04:25:37 PM

नोटबंदी के इस प्रतिकूल माहौल में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति पर टकटकी लगाए लाखों कर्जदारों को निराश किया है। नोटबंदी के कारण सुस्त चल रहे बाजार, खाद्य पदार्थों की महंगाई और कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मूल्य की तेजी के कारण ब्याज दर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया गया है।
इससे कर्ज दर सस्ती होने की कोई उम्मीद नहीं रह गई है। इस वजह से मुंबई शेयर बाजार के निफ्टी और सेंसेक्स के सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने अक्टूबर में जब ब्याज दर में कटौती की थी, उसके बाद से रेपो दर 6.25 प्रतिशत ही बनी हुई है।

आरबीआई की बुधवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में किया गया यह फैसला उद्योग जगत, शेयर बाजार तथा मकान-वाहन के कर्जदारों की अपेक्षाओं के प्रतिकूल रहा। हर किसी को उम्मीद थी कि इस बार रेपो दर में आधा फीसदी (50 बेसिक अंक) की कटौती की जाएगी जिससे व्यावसायिक बैंकों को केंद्रीय बैंक से कम दर पर कर्ज मिल पाएगा और इससे बैंक भी कर्ज लेने वालों की ईएमआई कम करने को बाध्य होंगे। लेकिन इसके उलट आरबीआई ने वित्त 2016-17 में जीडीपी (विकास दर) का अनुमान भी 7.6 प्रतिशत से घटाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया। 
 

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