कोयला ब्लॉकों की नीलामी से आम आदमी को मिलेगी सस्ती बिजली : जेटली

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Wednesday 18th of February 2015 06:03:22 PM

नई दिल्ली : वित्त मंत्री अरण जेटली ने कहा है कि कोयला ब्लाकों की नीलामी से आम लोगों को स्वस्थ तरीके से सस्ती बिजली सुनिश्चित करने में मदद करेगी। अभी तक सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्यों द्वारा सब्सिडी दी जाती है। कोयला ब्लाकों की नीलामी अभी चल रही है।

जेटली 28 फरवरी को लोकसभा में वित्त वर्ष 2015-16 का बजट पेश करेंगे। उन्होंने आज यहां कहा कि भारत वैश्विक व घरेलू निवेशकों को निवेश के अवसर उपलब्ध कराने के लिए बेहतर स्थिति में है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सभी बातों का शुरआती बिंदु भारतीय अर्थव्यवस्था की विश्वसनीयता है। इसके अलावा लोगों का भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति भरोसा तथा हमारी निवेशकों को अवसर उपलब्ध कराने की क्षमता महत्वपूर्ण है।

जेटली ने अक्षय उर्जा सम्मेलन :रि-इन्वेस्ट 2015’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘इस दृष्टिकोष से हमारी खुद की प्रणाली को अनुकूल बनाना होगा। इनमें से प्रत्येक के लिए बिजली जरूरी है।’’ विशेषरूप से अभी चल रही कोयला ब्लाकों की नीलामी का उल्लेख करते हुए जेटली ने कहा कि उलटी नीलामी प्रक्रिया से आम लोगों को सस्ती बिजली सुनिश्चित कराई जा सकेगी जो अभी कुछ राज्यों में बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी के विपरीत होगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि उलटी बोली में बिजली की लागत उस ईंधन की उस दर से जुड़ी होगी है जिस पर आपको ईंधन मिलता है।’ उन्होंने कहा कि राज्यों द्वारा दी जा रही सब्सिडी को ज्यादा समय तक जारी रखना कठिन है।

वित्त मंत्री जेटली ने कहा, ‘एक तरीका जिसके जरिये लोग सस्ती बिजली उपलब्ध कराना चाहते हैं, वह है राज्य द्वारा सब्सिडी देना। राज्य की सब्सिडी का मतलब है कि आपको लोगों पर अधिक कर लगाना होगा जिससे कुछ अन्य लोगों को कुछ मुफ्त में दिया जा सके। क्या यह टिकाउ व्यवस्था कही जा सकती है।’ जेटली ने यह बात ऐसे समय कही है जबकि दिल्ली में बिजली की दरों में 50 फीसद कटौती की दिशा में पहला कदम उठाते हुए दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने वित्त और बिजली विभागों को तत्काल अपने प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। आप ने बिजली दरों को आधा करने का चुनावी वादा किया था।

पहले चरण की कोयला खानों की नीलामी के लिए आक्रामक तरीके से बोलियां देखने को मिल रही हैं। कोयला ब्लाकों की नीलामी 22 फरवरी को पूरी होने की उम्मीद है। स्वच्छ उर्जा की बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यदि देश सौर और पवन संसाधनों का दोहन करने में विफल रहता है, तो यह बड़ी अक्षमता होगी।

जेटली ने कहा, ‘आज दुनिया तेजी से स्वच्छ उर्जा की ओर बढ़ रही है। यह अक्षय उर्जा एक बड़ा संसाधन है, जो प्रकृति ने हमें दिया है। भारत के पास बड़ा भूमि क्षेत्र है और ऐसे में इसके लिए जो कच्चा माल चाहिए वह हमारे सामने मौजूद है। यह हमारी अक्षमता होगी यदि हम इसे संसाधन में नहीं बदल पाते हैं।’ मौजूदा सरकार सौर व पवन उर्जा पर अधिक ध्यान दे रही है। समझा जाता है कि वित्त मंत्री आगामी बजट में इस क्षेत्र के लिए कर प्रोत्साहनों की घोषणा करेंगे।

वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि ऐसे समय जब दुनिया की कई विकसित अर्थव्यवस्थाएं चुनौतीपूर्ण समय का सामना कर रही हैं, अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत के प्रति भरोसा जता रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘ब्रिक्स के हमारे दोस्त चुनौती का सामना कर रहे हैं। चीन ने भी अब अपनी रणनीति बदली है। वह भी अब खपत, सेवा क्षेत्र पर अधिक जोर दे रहा है। ऐसे में भारत के पास विनिर्माण के मामले में आगे बढ़ने का एक अच्छा अवसर है।’ जेटली ने कहा कि न केवल विनिर्माण के मामले में आगे बढ़ने की जरूरत है, बल्कि हमें बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा। ऐसे में हमें देश और देश के बाहर अपने संसाधनों को देखना होगा, जो पूरी प्रक्रिया में मददगार साबित होंगे।जेटली ने आगे कहा कि आज के वातावरण में ऐसे अवसर इतिहास में यदाकदा आते हैं। ‘आप घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशक दोनों को आकर्षित कर सकते हैं।’ वित्त मंत्री ने कहा कि तीन दिन का ‘रि-इन्वेस्ट 2015’ यात्रा शुरू करने वाला सम्मेलन है। ‘एक बार हम अक्षय उर्जा में सफल होंगे, तो रोजगार का सृजन करने, बिजली उत्पादन के अंतर को पाटने व आर्थिक वृद्धि बढ़ाने में भी सफल होंगे।

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