कहां कम हुयी मंहगाई

Posted by: अंकित शुक्ला Tuesday 2nd of August 2016 05:07:15 PM

पब्लिक आक्रोश डेस्क। बढ़ती हुयी मंहगाई एक बार फिर से चर्चा का विषय बनी हुयी हैं। नहीं तो मंहगाई का जिक्र अभी तक र्सिफ और र्सिफ चुनावी सभाओं या नीति आयोग जैसी संस्थाओं की गंभीर बैठकों में ही देखने को मिलता था। अर्थशाी इसे मुद्रास्फीति से जोड़ते है तो किसान दुकानदार मुनाफाखोरी से। मंहगाई पर चर्चा क्या र्सिफ आंकड़ों की कलाबाजी से जुडी हैं या फिर हकीकीत से भी जुडी हैं। सरकार का दावा हैं कि मुद्रास्फीति की दर दो अंकों से गिरकर र्सिफ एक अंक हो गयी हैं। दो वर्ष तक खराब मानसून के बाद इस साल हो रही वर्षा किसानों के लिए खुशखबरी हैें। कुछ चीजों पर सरकार का पूरी तरह से नियंत्रण हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस साल अच्छे मानसून से किसान दाल उत्पादन से पुन: काफी संभल सकेगें। 

 

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