एसबीआई ने डिपॉज़िट की ब्याज दरें घटाईं

Posted by: राधिका प्रकाश Monday 28th of November 2016 05:21:43 PM

 देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक एसबीआई ने बल्क डिपॉजिट दरों में 1.50 फीसदी की कटौती की है. अब एसबीआई में 1 से 10 करोड़ रुपये जमा करने पर 1.5 से 2 फीसदी तक कम ब्याज मिलेगा. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से एक हफ्ते में ये दूसरी कटौती है. जमा दरों में बड़ी कटौती तो हो चुकी है और अब उम्मीद लगाई जा रही है कि लोन की ब्याज दरों में भी गिरावट आ सकती है.

एक करोड़ से ज्यादा की बल्क डिपॉज़िट के रेट एसबीआई ने घटा दिए हैं और अब इन पर 3.75 से 4.25 फीसदी ब्याज़ मिलेगा. पहले इन जमाओं पर 5 से 5.50 फीसदी ब्याज मिलता था. 1 करोड़ से 10 करोड़ तक की एफडी पर पहले 5 से 5.50 फीसदी ब्याज मिलता था. जो अब 1.90 फीसदी घटाकर 3.85 फीसदी कर दिया है. 10 करोड़ से ज्यादा की एफडी पर पहले 4.75 से 5.50 फीसदी मिलता था.

एक करोड़ से 10 करोड़ रुपए तक बल्क डिपॉजिट पर घटी ब्याज दर गुरुवार से लागू हो गई है. इसके मुताबिक 180-210 दिन तक की फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 1.90 फीसदी घटकर 3.85 फीसदी होगी जो पहले 5.75 फीसदी थी. इसके अलावा 1 साल से 455 दिन के बीच की एफडी पर अब 4.25 फीसदी ब्याज मिलेगा. यह पहले 6 फीसदी था. 7 से 45 दिन तक की एफडी पर ब्याज की दर 1.25 फीसदी कम कर 3.75 फीसदी कर दिया गया है. बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में एसबीआई ने 1 करोड़ से कम की जमा पर ब्याज दर में 0.15 फीसदी की कमी कर दी थी.

उम्मीद है कि एसबीआई के बाद अब दूसरे बैंक भी डिपॉजिट दरें घटाएंगे. पिछले दिनों 1 करोड़ रुपये से कम डिपॉजिट पर भी दरें घटीं है. अगर आप बैंक में डिपॉजिट कराना चाहते हैं तो जल्दी करिए. बैंकों ने नोटबंदी के बाद एफडी पर ब्याज घटाना शुरू कर दिया है. बता दें कि 1 करोड़ रुपये से ऊपर की रकम बल्क डिपॉजिट मानी जाती है. बल्क डिपॉजिट पर घटी हुईं दरें 24 नवंबर से लागू होंगी. इससे कारोबारियों और इंस्टीट्यूशंस पर ज्यादा असर पड़ेगा. डीमोनेटाइजेशन से नकदी में सुधार की वजह से एबीआई ने ये फैसला लिया है. एसबीआई के पास कुल घरेलू डिपॉजिट 17.68 लाख करोड़ रुपये का है और कुल डिपॉजिट में बल्क डिपॉजिट का हिस्सा 8 फीसदी है.

4 दिसंबर को होने वाली आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी में बैंकों को नीतिगत दरों में कटौती होने की उम्मीद है जिसके बाद सभी बैंकों के कर्ज सस्ते होने की उम्मीद है. नोटबंदी की वजह से एसबीआई के पास बड़ी मात्रा में डिपॉजिट आ रहा है. डिपॉजिट के साथ-साथ काफी लोन री-पेमेंट भी हो रहे हैं. दूसरी तरफ क्रेडिट ग्रोथ हो नहीं रही है. बैंकों के पास ज्यादा पैसा होने के बावजूद इसको कहीं लगाने के विकल्प नहीं है. पैसे लगाने के विकल्प अभी न होने से बैंक के पास आने वाले पैसे फिक्स डिपॉजिट में कनवर्ट हो सकने की संभावना को देखते हुए डिपॉजिट रेट में कटौती करना जरूरी हो रहा था. बैंकों के पास अब लिक्विडिटी काफी ज्यादा हो गई है. बल्क डिपॉजिट के बाद छोटे डिपॉजिट की भी दरें घटाई जाएंगी. सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि एसबीआई के पास अबतक करीब 2 लाख करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं.

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