सियासत के मैदान में मुलायम-शिवपाल दोनों को अखिलेश ने किया चित्त

Posted by: राधिका प्रकाश Tuesday 18th of October 2016 04:40:01 PM

 उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की राजनीति अपेक्षाकृत कुछ साफ हुई है. यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी और परिवार में बड़ी जीत हासिल की है. साफ हो गया कि यूपी चुनाव में वही समाजवादी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. सूत्रों के मुताबिक पार्टी के इस फैसले के पीछे अखिलेश यादव के दबाव का बड़ा हाथ है.

वाकई समाजवादी पार्टी के सियासी अखाड़े में अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव और पापा मुलायम सिंह यादव को जबरदस्त पटखनी दी. यदुवंश की बिग बैठक में मुलायम और अखिलेश मिले और फिर शिवपाल की तरफ से ऑल इज वेल का बयान जारी हुआ. अखिलेश को सीएम चेहरा बनाने का एलान करने के बाद पार्टी और परिवार में मान मनोव्वल का नया दौर शुरु हुआ.

वैसे शिवपाल यादव ने कल ही भतीजे की तरफ सुलह का प्रस्ताव दे दिया था. शिवपाल यादव ने कहा था कि एसपी सीएम पद के लिए नाम का प्रस्ताव वे करेंगे. सूत्रों के मुताबिक शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव को लेकर जो रूख नरम किया है, उसकी सबसे बड़ी वजह है अखिलेश यादव की धमकी मानी जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव ने पिता और चाचा को संदेश दे दिया था कि अगर उन्हें सीएम उम्मीदवार नहीं बनाया गया तो वो 5 नवंबर को अलग रास्ता चुन सकते हैं. इसके साथ ही यदुवंश में जारी लड़ाई के बीच अखिलेश यादव के एक और चाचा रामगोपाल यादव ने अखिलेश का समर्थन करते हुए मुलायम सिंह को लिखा था.

उन्होंने अपने पत्र में कहा था कि अगर अखिलेश यादव को सीएम उम्मीदवार नहीं बनाया जाता है तो पार्टी खत्म हो जाएगी. रामगोपाल यादव के इस पत्र की जड़ में था मुलायम सिंह यादव का वो बयान जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अखिलेश यादव यह नहीं समझे कि कि सीएम की गद्दी उन्हें विरासत में मिली है.

मुलायम सिंह यादव के इस बयान के बाद कयास लगाया जा रहा था कि अखिलेश 5 नवंबर को क्या कदम उठानेवाले हैं ? शायद यही वजह है कि आज समाजवादी पार्टी ने अखिलेश को सीएम उम्मीदवार बनाने में ही अपनी भलाई समझी. वैसे विपक्ष का अब भी यही मानना है कि अखिलेश सैफई परिवार के आखिरी शासक होंगे

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