शत्रुघ्न सिन्हा के समर्थन में उतरे तेजस्वी

Posted by: संजय सिंह चौहान Tuesday 23rd of May 2017 06:21:31 PM

सियासत में भी आम जिंदगी में चलने वाली दुश्मनी और दोस्ती के सिद्धांत को देखा जा सकता है. जी हां, यदि दो व्यक्तियों का एक ही दुश्मन हो, तो दोनों कई मौकों पर आपस में मिलकर हमला करने से बाज नहीं आते. बाद में दुश्मन से लोहा लेने वाले दोनों शख्स आपस में दोस्त हो जाते हैं. बिहार की राजनीति में इन दिनों कुछ ऐसा ही देखा जा रहा है. राजनीतिक जानकारों की मानें, तो राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के परिवार पर बेनामी संपत्ति को लेकर लगातार हमलावर हुए सुशील मोदी को अब दो फ्रंट पर जूझना पड़ेगा.

पहला फ्रंट स्वयं उनकी पार्टी के नेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा हैं, वहीं दूसरा फ्रंट लालू के समर्थन में आये लोग हैं. सोमवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार के साथ देश में चल रही नकारात्मक राजनीति को लेकर ट्वीट किया. इशारों-इशारों में उन्होंने बीजेपी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर निशाना साधा. उसके बाद, सुशील मोदी ने ट्वीट कर शत्रुघ्न सिन्हा को गद्दार कह दिया और मामला घमसान में तब्दील हो गया. इसी बीच, राजद नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी इस ट्वीटर वार में कूद पड़े और बिहारी बाबू के पक्ष में ट्वीट कर दिया.

तेजस्वी यादव ने शत्रुघ्न सिन्हा के पक्ष में ट्वीट करते हुए कहा कि जो आपको ‘शत्रु’ कहता है, वो खुद सुशील कैसे हो सकता है ? तेजस्वी यादव को सुशील मोदी पर वार करने का बड़ा मौका मिल गया. लगातार महीनों से आरोपों के वार को झेल रहे लालू परिवार को शत्रुघ्न सिन्हा के ट्वीट से संजीवनी मिल गयी. तेजस्वी ने लिखा कि आप और कीर्ति आजाद जैसे अनेकों चुने हुए जनप्रतिनिधियों से उन्हें समस्या है. तेजस्वी यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि झूठ बोलने वाला बिहार बीजेपी का वह नेता सभी रंगों में झूठ बोलने में विशेषज्ञ है. वह शायद, सलेक्टिव एनीमिसिया व रंग दृष्टिहीनता का शिकार है. तेजस्वी ने ट्वीट के जरिये सुशील मोदी पर जमकर अपनी भड़ास निकाली.

ज्ञात हो कि सोमवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने इशारों-इशारों में सुशील मोदी पर वार करते हुए ट्वीट किया था. शत्रुघ्न ने लिखा था कि नकारात्मक राजनीति और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है, उस पर अब विराम लगना चाहिए. शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट में लिखा है कि लालू यादव, अरविंद केजरीवाल या सुशील मोदी, आप लोगों ने नकारात्मक राजनीति को चरम पर पहुंचा दिया है, अब बस कीजिए. शत्रु ने अपने ट्वीट में साफ कहा था कि जब तक किसी पर आरोप साबित ना हो जाये उसे आरोपी नहीं कहना चाहिए.

उसके तत्काल बाद सुशील मोदी ने ट्वीट बम फोड़ा और शत्रुघ्न सिन्हा पर हमला बोल दिया. मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि यह जरूरी नहीं कि जो शख्स मशहूर है, उस पर ऐतबार किया जाये, जितनी जल्दी हो घर से गद्दारों को बाहर किये जाये. सुशील मोदी ने आगे लिखा है कि जिस लालू की बेनामी संपत्ति के बचाव में नीतीश नहीं उतरे उसके बचाव में भाजपा के शत्रु कूद पड़े. जानकारों की मानें तो इस ट्वीटर वार में सबसे ज्यादा सियासी फायदा लालू परिवार को होगा. शत्रु-सुशील विवाद ने महागठबंधन के नेताओं को एक बड़ा मौका दे दिया है. इस ट्वीटर विवाद को महागठबंधन अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता. तेजस्वी यादव का इस ट्वीटर वार में कूद पड़ना, इसी का संकेत है.

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