रॉबर्ट वाड्रा के ज़मीन सौदा पर जस्टिस ढींगरा ने मांगा 6 हफ्ते का समय

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Friday 1st of July 2016 06:31:31 AM

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के ख़िलाफ़ ज़मीन-सौदे में फ़र्ज़ीवाड़े के आरोपों की जांच कर रहे जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग ने रिपोर्ट जमा करने के लिए 6 से 8 हफ्ते तक का समय मांगा है। जस्टिस ढींगरा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें एक व्यक्ति से मिले कुछ दस्तावेज़ों का अध्ययन करने के लिए कुछ समय चाहिये।  

जस्टिस ढींगरा ने पत्र में लिखा है कि उन्हें गुड़गांव में कॉलोनी विकसित करने के लिए जारी हुए लाइसेंसों के मामले में कुछ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं और कुछ को फायदा पहुंचाने की बात भी पता चली है जिसका अध्ययन करना पड़ेगा।

मामला बेनामी लेनदेन का है

जस्टिस ढींगरा ने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट हरियाणा के मुख्यमंत्री को सौंपने वाले थे लेकिन तभी इस बीच किसी ने गुड़गांव में उन्हें कुछ दस्तावेज महैया कराए और कहा कि ये कागजात लाइसेंस दिए जाने से लाभ हासिल करने वालों के बेनामी लेनदेन के हैं। ढींगरा ने गुरुवार को राज्य सरकार को सूचित करते हुए कहा कि मैं दस्तावेजों का अध्ययन करुंगा, उन्हें अपनी रिपोर्ट का हिस्सा बनाऊंगा, अन्यथा मैं कल आकर रिपोर्ट दे दूंगा.

दो बार बढ़ा है जस्टिस ढींगरा आयोग का कार्यकाल

हरियाणा सरकार पहले दो बार ढींगरा आयोग का कार्यकाल बढ़ा चुकी है। राज्य की बीजेपी सरकार ने पिछले साल दिसंबर में आयोग के कार्यकाल को छह महीने की अवधि के लिए बढ़ा दिया था और फिर 17 जून को सरकार ने आयोग का कार्यकालएक बार फिर 30 जून तक के लिए बढ़ा दिया था।

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी ढींगरा जांच आयोग को निष्प्रभावी करने की मांग की थी। राज्य की मौजूदा मनोहर लाल खट्टर सरकार ने गुड़गांव के सेक्टर 83 में शहर और ग्राम नियोजन विभाग द्वारा व्यावसायिक कॉलोनियां विकसित करने के लिए कुछ कंपनियों को लाइसेंस देने से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए ढींगरा आयोग का गठन किया था।

कांग्रेस ने ढींगरा पर लगाया आरोप

आयोग के कार्यकाल विस्तार का अनुरोध ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस एसएन ढींगरा ने हरियाणा सरकार से अपने पक्ष में कुछ रियायतें मांगी हैं जो उन्हें इस मामले में कोई फैसला या रिपोर्ट देने के लिहाज से अक्षम और अनुपयुक्त बनाती है।

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