मिर्जापुर की रैली में बोले मोदी, उत्तर प्रदेश समृद्ध हो जाए तो, देश खुद ही आगे बढ़ जाएगा

Posted by: संजय सिंह चौहान Saturday 4th of March 2017 09:05:49 AM

धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मिर्जापुर के चंदईपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर हमले किए. उन्होंंने यूपी चुनाव को सपा, बसपा व कांग्रेस से मुक्ति का उत्सव बताया. उन्होंने कहा कि खटिया हो या कटिया, आप तो यहां से जाने वाले है, जनता ने मन बना लिया है. 11 मार्च को जनता तार बिछा रखी है, उससे सपा-बसपा और कांग्रेस को करंट लगने वाली है.

खाट सभा से वहां के लोगों ने खाट उठा कर ले गए, क्योंकि उन्हें मालूम था खाट उन्हीं की है. जो अपने पिता की बातों को पूरा नहीं करता हो, वो जनता का काम क्या करेंगे.

13 साल पहले मिर्जापुर में पुल निर्माण का आधारशिला रखे थे, लेकिन अभी तक नहीं बना,ये काम नहीं कारनामे बोल रहे हैं. उत्तर प्रदेश का चुनाव, 'युवाओं को रोजगार, बहन-बेटियों की सुरक्षा' पर है. उत्तर प्रदेश में 'सबका साथ सबका विकास' मंत्र को लेकर चलना है.

अगर उत्तर प्रदेश समृद्ध हो जाए तो, देश खुद ही आगे बढ़ जाएगा. उत्तर प्रदेश अगर अलग देश होता तो, जनसंख्या के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा पांचवां देश होता. यही पुल अगर सैफई में बनना होता तो, 13 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ता. अगर यहां पत्थरों से पुल बना दिया होता, तो अच्छा पुल बन गया होता, लेकिन अखिलेश ने ऐसा कुछ भी नहीं किया. जिनको मिर्जापुर के पत्थरों से नफरत हो, उनको क्या आप वोट देंगें. मिर्जापुर से पत्थर पिछली दरवाजों से ले गए, लेकिन जांच के दौरान राजस्थान का नाम दिया गया. अखिलेश जी का 'काम बोलता है' या मिर्जापुर का पत्थर बोलता है. बहन जी मिर्जापुर की पत्थरों में आज भी खड़ी हैं खटिया हो या कटिया, आप तो यहां से जाने वाले है, जनता ने मन बना लिया है.

भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की वजह से यहां के युवा बेरोजगार हैं. पीतल उद्योग को बर्बाद कर दिया, इसलिए यहां के युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं. यहां की एक भी सीट पर इन लोगों की जीत नहीं होनी चाहिए, ताकि इन्हें पता चले उपेक्षा करने का परिणाम क्या होता है. यहां भ्रष्टाचार दीमक की तरह घुस गया है. भ्रष्टाचार पर हाईकोर्ट ने भी फटकार लगाई, लेकिन यहां की सरकार नहीं सुधरी. चार प्रकार के भ्रष्टाचार यूपी में हैं...नजराना, सुकराना, हकराना और जबराना. यूपी में हर चीज का रेट तय है.

नजराना- काम कराने के पहले.

सुकराना- काम होने के बाद.

हकराना- फाइल भी आगे नहीं बढ़ेगी.

जबराना- काम भी नहीं, करना भी नहीं.

हम गुजरात से गोरखपुर तक गैस पाइपलाइन ला रहे हैं, यहां विकास का एक नया अवसर खुलेगा. यहां सब कुछ होते हुए भी सरकार की नीयत खराब होने की वजह से यहां से रोजी-रोटी कमाने के लिए लोग पश्चिम की तरफ जाते हैं. ये काशी का क्षेत्र है, यहां टूरिज्म का अच्छा स्कोप है, लेकिन सरकार ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया. यूपी में लेने वालों की आदत हो गई है, देने वाले मजबूर हो गए हैं. आपके पास मुक्ति का एक ही प्रकार है, वो है हराना.

मैंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल कटाई के 15 दिनों तक का बीमा कवर दिया है. पहले यूरिया रात-रात तक कतार में लगने के बाद भी नहीं मिलता था. कालेबजारी से यूरिया मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है. किसान को अगर समय पर पानी मिल जाए तो वो जमीन से सोना पैदा कर सकता है. मैंने खेतों तक पानी पहुंचाने का बड़ा अभियान चलाया. हमने सॉइल हेल्थ कार्ड निकाला, इससे किसानों की भूमि की जांचकर के बताया जाएगा. मैंने 2022 तक किसानों की आमदनी को डबल करने की ठानी है. इसलिए हमने बीज से बाजार तक के लिए रोडमैप बनाया है. पूर्वांचल की धरती उपजाऊ है, यहां के किसान मेहनती हैं, लेकिन यहां की सरकार ने इनकी परवाह नहीं की. मैंने कहा था, 5 करोड़ परिवारों को गैस पहुंचाऊंगा, अब तक 1 करोड़ 80 लाख गरीब परिवारों के घर तक पहुंचाया. मुझे गरीबी समझने के लिए कैमरा लेकर किसी झोपड़ी में जाने की जरूरत नहीं है. मैंने गरीबी जन्म से देखी है.

मैं बुनकर भाईयों के लिए काम कर रहा हूं, जिससे उन्हें कहीं भी किसी के सामने हाथ फैलाना नहीं पड़ेगा. भाजपा की सरकार बनती है तो छोटे किसानों का कर्ज माफ होगा, ये काम पहली ही मीटिंग में होगा. बीजेपी शासित राज्य में 60 फीसदी से ऊपर किसानों को बीमा का फायदा मिला, लेकिन यूपी में 14 फीसदी किसानों को ही मिला. मैंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल कटाई के 15 दिनों तक का बीमा कवर दिया है.

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