मानहानि केस में वकील जेठमलानी को 4 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से देना चाहते हैं केजरीवाल

Posted by: गोपाल माहेष्वरी Tuesday 4th of April 2017 04:22:34 PM

दिल्ली में MCD चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो रही हैं. पार्टियां अपने-अपने पक्ष में दावे तो कर ही रही हैं वो दूसरे का पोल खोलने में भी लगी हैं. इसी कड़ी में आज बीजेपी ने आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर एक बड़ा आरोप लगाया है. बीजेपी ने आरोप लगया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक मानहानि केस का कानूनी खर्चा सरकारी खजाने से चुकाना चाहते हैं.

इस संबंध में दिल्ली सरकार ने लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल को खत लिखकर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अरुण जेटली द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि केस में कानूनी खर्चों के बिल का भुगतान कराने को कहा है.

दिल्ली सरकार का एलजी को लिखा वह खत बीजेपी प्रवक्ता तजेंद्र बग्गा ने टविटर पर जारी किया है, जिसमें 3.86 करोड़ रुपये के कानूनी खर्च के बिल का भुगतान कराने को कहा गया है.

बिल के भुगतान कराने की मांग पर एलजी अनिल बैजल कानूनी राय ले रहे हैं. यह लीगल बिल मशहूर वकील राम जेठमलानी के अरविंद केजरीवाल की तरफ से अलग-अलग अदालतों में पेश होने की फीस है. इस बिल पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपनी मंजूरी दे दी है.

क्या है मामला? 
वित्तमंत्री और बीजेपी नेता अरुण जेटली ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य आप नेताओं के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है. केजरीवाल की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी इस केस में पैरवी कर रहे हैं.

जेटली का आरोप है कि केजरीवाल, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक बाजपेयी ने डीडीसीए मामले में गलत आरोप उनपर लगाये हैं. जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है.

जेटली ने 13 वर्षों तक दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) का नेतृत्व किया था. दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने जेटली पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

 

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