महाराष्ट्र के CM पद पर फड़णवीस की हुई ताजपोशी, उद्धव ठाकरे भी पहुंचे

Posted by: Tauseef Sunday 2nd of November 2014 04:03:16 PM

मुंबई। महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में शुक्रवार को देवेंद्र फडणवीस ने शपथ ली जहां भाजपा ने पहली बार बिना किसी गठबंधन के सरकार बनाई है।  राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में 44 वर्ष के फडणवीस को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके कई कैबिनेट सहयोगियों, भाजपा शासित राज्यों और उसके सहयोगी दलों के शासन वाले प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों समेत अन्य लोगों ने भाग लिया।  फडणवीस के साथ सात कैबिनेट मंत्रियों और दो राज्यमंत्रियों ने भी शपथ ली।शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ओर से आखिरी समय में फोन किये जाने के बाद समारोह में भाग लिया जिससे संकेत मिलते हैं कि चुनाव से पहले अलग हो गये दोनों दलों के फिर से निकट आने की संभावना है। पहले शिवसेना ने गठबंधन सरकार के गठन के लिए बातचीत के दौरान भाजपा द्वारा ‘लगातार अपमानित’ किये जाने का आरोप लगाते हुए समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया था।

 समारोह में सभी की नजरें मोदी ओर उद्धव पर थीं, जिन्होंने हाथ मिलाये और एक दूसरे से कुशलक्षेम पूछी। राज्य के नये कैबिनेट मंत्रियों के तौर पर एकनाथ खड़से, सुधीर मुनगंटीवार, विनोद तावड़े, पंकजा मुंडे (सभी भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य) तथा प्रकाश मेहता, चंद्रकांत पाटिल और विष्णु सवारा ने शपथ ली। राज्यमंत्रियों में दिलीप कांबले और विद्या ठाकुर हैं।शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्रियों नितिन गडकरी, वेंकैया नायडू, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर और राधामोहन सिंह के साथ छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात तथा राजस्थान के मुख्यमंत्रियों क्रमश: रमन सिंह, मनोहर पार्रिकर, आनंदीबेन पटेल और वसुंधरा राजे ने शिरकत की।  सहयोगी दलों के नेताओं में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू उपस्थित थे। मराठा नेताओं के प्रभुत्व वाले महाराष्ट्र में फडणवीस दूसरे ब्राह्मण मुख्यमंत्री बने हैं। इससे पहले शिवसेना के मनोहर जोशी इसी समुदाय से थे।  फडणवीस राज्य के 27वें मुख्यमंत्री बने हैं और इस पद पर काबिज होने वाले 18वें व्यक्ति हैं। वह मुख्यमंत्री बनने वाले विदर्भ क्षेत्र के चौथे नेता हैं।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और प्रधानमंत्री मोदी के करीबी फडणवीस राज्य के 27वें मुख्यमंत्री बने हैं और इस पद पर काबिज होने वाले 18वें व्यक्ति हैं। वह मुख्यमंत्री बनने वाले विदर्भ क्षेत्र के चौथे नेता हैं। महाराष्ट्र में जब भाजपा ने लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों में जबरदस्त सफलता प्राप्त की तो फडणवीस ही पार्टी की कमान संभाल रहे थे।  उद्धव ठाकरे केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के साथ बैठे थे और शांत दिखे लेकिन शपथ ग्रहण समारोह समाप्त होने के बाद वह मोदी के साथ हाथ मिलाकर हालचाल पूछते और मुस्कराते दिखाई दिये।  शिवसेना सांसद विनायक राउत ने बताया, ‘भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उद्धवजी को फोन करके आमंत्रित किया जिसके बाद वह देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण में शामिल हुए।’ उन्होंने कहा, ‘अमित शाह ने उद्धवजी को नयी सरकार में शिवसेना की भागीदारी पर सकारात्मक फैसले का आश्वासन भी दिया और हमें उम्मीद है कि जब बातचीत होगी तो सकारात्मक परिणाम निकलेगा।’ बहरहाल अभी साफ नहीं हुआ है कि दोनों दलों के बीच सत्ता में साझेदारी को लेकर परस्पर स्वीकार्य सहमति पर पहुंचने के लिए बातचीत कब होगी।  राज्यपाल राव ने फडणवीस को शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक गोविंद राठौड़ के निधन के बाद सदन में पार्टी के सदस्यों की संख्या 121 रह गयी है, लेकिन पार्टी ने सभी सात निर्दलीय विधायकों और कुछ छोटे दलों के सदस्यों का समर्थन प्राप्त होने का दावा किया है।  राकांपा ने कहा है कि अगर शक्ति परीक्षण के दौरान शिवसेना विपक्ष में बैठती है तो वह मतदान में हिस्सा नहीं लेगी। इससे फडणवीस को आसानी से बहुमत साबित करने में मदद मिलेगी। हालांकि सदन में 145 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए फडणवीस के सामने 63 सदस्यीय शिवसेना को साथ में लेकर चलने का विकल्प सबसे बढ़िया समझा जा रहा है।

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