महाभारत जारी है

Posted by: राधिका प्रकाश Thursday 4th of May 2017 05:56:09 PM

लंबे समय से यूवी में सपा की राजनीतिक महाभारत जारी है, ताजा... शिवपाल यादव ने इटावा में चचेरे भाई रामगोपाल यादव पर हमला बोला और उन्हें शकुनि तक घोषित कर डाला! खबरें हंै कि... पहले रामगोपाल यादव से इटावा में मीडिया ने जब पूछा कि शिवपाल यादव का कहना है कि अखिलेश यादव को अपने वादे के मुताबिक अब नेताजी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद दे देना चाहिए, तो इस पर भड़क कर रामगोपाल ने जवाब दिया कि... शिवपाल यादव बेकार की बातें करते हैं... उन्होंने पार्टी का संविधान नहीं पढ़ा है... पार्टी का सदस्यता अभियान चल रहा है... शिवपाल तो अभी सदस्य तक भी नहीं बने हैं!

भला शिवपाल कहां खामोश रहनेवाले थे? मीडिया ने शिवपाल यादव के समक्ष जब यह बात दोहराई तो उन्होंने कहा कि... मैंने संविधान भले की न पढ़ा हो लेकिन शकुनि को गीता जरूर पढऩी चाहिए! 

अखिलेश यादव, यूपी विधानसभा चुनावों के वक्त मुलायम सिंह को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे... तब उन्होंने कहा था कि... वे केवल तीन महीने के लिए अध्यक्ष बने हैं और चुनाव के बाद वह नेताजी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद लौटा देंगे! भाई समझने की कोशिश करों... तब अखिलेश यादव को जीत का पक्का भरोसा था लेकिन... यूपी सीएम की कुर्सी तो कच्ची निकली और सपा की कुर्सी भी लौटा देंगे तो क्या पांच साल खड़े-खड़े राजनीतिक तपस्या करेंगे? राजनीतिक रथ इतिहास साक्षी है कि... एक बार रथ सारथी के कब्जे में आ गया तो फिर रथस्वामी को मौन मार्गदर्शक बन कर ही रहना होता है... भरोसा नहीं हो तो... नए मार्गदर्शक बने पुराने राजनीतिक रथस्वामी से पूछ लो!

वहां मुलायम सिंह के परिवार में इसे लेकर राजनीतिक महाभारत जारी है... दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क-कुतर्क हैं! खबर है कि... अपर्णा यादव चाहती हैं कि मुलायम सिंह को अध्यक्ष पद लौटा दिया जाना चाहिए... उधर, उनके परिवार में मुलायम सिंह यादव, उनकी दूसरी पत्नी साधन यादव, छोटे बेटे प्रतीक यादव, बहू अपर्णा यादव और शिवपाल एक तरफ  हैं तो रामगोपाल यादव इस राजनीतिक महाभारत में शुरू से ही मुलायम सिंह और शिवपाल यादव के खिलाफ अखिलेश के साथ खड़े हैं! बड़ा अजीब राजनीतिक रंग है... पूरे देश का विपक्ष महागठबंधन के लिए माथापच्ची कर रहा है और इधर सपा में महाबिखराव के महाप्रयास जारी है!

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