प्रधानमंत्री मोदी से मिल महबूबा मुफ्ती ने कहा जल्द कश्मीर में होगा अमन

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Saturday 27th of August 2016 06:55:01 AM

जन्नत को जहन्नुम नहीं बनने देने का एलान करने वाली महबूबा मुफ्ती कश्मीर में शांति का माहौल तलाशने के लिए आज प्रधानमंत्री से मुलाकात की. कश्मीर मुद्दे पर ठोस कार्रवाई के लिए यह बैठक हो रही है. इस बीच बैठक से पहले ही हुर्रियत नेता मिरवाईज की गिरफ्तारी के साथ ही सरकार ने अपना सख्त रुख साफ कर दिया.
मुलाकात के बाद सीएम महबूबा मुफ्ती ने कल नौजवान और आज पुलिसकर्मी के मारे जाने की घटनाओं पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी चाहते हैं कि खून-खराबा रुके लेकिन, पाकिस्तान उनकी कोशिशों पर पानी फेर रहा है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी लाहौर तक चले गए और तमाम बुरे हालातों के बीच गृहमंत्री भी पाक गए. लेकिन, पाकिस्तान की ओर से हालात लगातार खराब ही करने की कोशिश हो रही है.
इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी हालात को सुधारने में बड़ी सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं. पाक को संदेश में उन्होंने कहा कि अगर पाक को वाकई में कश्मीर के लोगों से हमदर्दी है तो लोगों को भड़काने से बाज आए. साथ ही उन्होंने कहा कि पूरा देश कश्मीर में शांति चाहता है. और उन्होंने यह भी साफ किया कि बात उसी से होगी जो बात करने की हालत में होगा. हिंसा करने वालों से बात नहीं होगी.
इससे पहले महबूबा कल ही दिल्ली पहुंच गई थी और आज उनका पीएम से मिलने का कार्यक्रम था. हालांकि, कश्मीर को लेकर महबूबा ने अपना रुख परसों ही साफ कर दिया था. गौरतलब है कि बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से कश्मीर में माहौल खराब है. 50 दिन से श्रीनगर ठप पड़ा है. रोज कहीं न कहीं से हिंसा की खबरें आती रहती हैं. स्थिति पर पीएम भी चिंता जता चुके हैं. जिसके बाद परसों गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीनगर जाकर तमाम लोगों से शांति बहाली पर बात की थी.
खुद महबूबा ने भी कहा था कि जन्नत को जहन्नुम नहीं बनने देंगे. विरोधी पार्टियों के नेता भी घाटी में अमन की उम्मीद लगाए बैठे हैं. लेकिन, 50 दिन से अशांत कश्मीर की नीति को लेकर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को घेर भी रहे हैं. सितंबर के पहले सप्ताह में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सकता है.
उधर हुर्रियत नेताओं ने आज फौजी कैंपों के सामने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. इस बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को उन लोगों की जमकर खिंचाई की जो कश्मीर घाटी में अशांति के लिए सेना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. महबूबा ने साफ तौर पर कहा कि घाटी के चंद लोग वहां की शांति को भंग कर रहे हैं.
महबूबा ने कहा था, मैं कहती हूं कि 95 फीसदी कश्मीर के लोग शांतिपूर्ण तरीके से हल चाहते हैं, बातचीत से चाहते हैं मगर 5 प्रतिशत लोग उपद्रव चाहते हैं. बदकिस्मती से जो उपद्रवी हैं वो हमारे बच्चों की आड़ में फौजी कैंपों पर हमला करवाते हैं. वो चाहते हैं कि छोटे बच्चे मर जाएं, अंधे हो जाएं.
महबूबा के इस दावे के जवाब में किसी ने साल 2010 की अशांति का जिक्र कर दिया तो वो और भड़क उठीं. जो मरे वो दूध या टॉफी लेने नहीं गए थे. गुस्से में महबूबा मुफ्ती ने कहा, आप इन दो चीजों को मत मिलाइए. उस समय लोगों के पास तर्क था कि फर्जी एनकाउंटर में लोग मारे गये. आज एक एनकाउंटर हुआ, जैसे होते हैं, उसमें 3 आतंकवादी मारे गये, उसमें सरकार का क्या कसूर था ?
उन्होंने कहा कि लोग सड़कों पर आ गये. हमने कर्फ्यू लगाया. बच्चा क्या आर्मी कैंप टॉफी खरीदने गया ? 15 साल का लड़का, जब उसने दमाल हासिमपुरा में पुलिस स्टेशन पर हमला किया तो वो दूध लेने गया ? पैलेट गन पर विचार कश्मीर दौरे पर गए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल पर बड़ा बयान दिया.
राजनाथ सिंह ने कहा कि अगले कुछ दिनों के भीतर ही पैलेट गन का विकल्प सामने आ जाएगा. विकल्प की तलाश के लिए गठित की गयी जिस कमेटी की बात की उस कमेटी ने विकल्प ढूंढ लिया है.
 

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