देश के कई राज्यों में बाढ़ का कहर,मोदी ने नीतीश को दिया मदद का भरोसा

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Tuesday 23rd of August 2016 08:39:28 AM

देशभर में बाढ़ ने कहर बरपा रखा है. देश के करीब पचास लाख लोग बाढ़ की वजह से मुसीबत में हैं. यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा परेशानी है इसके अलावा गुजरात के वडोदरा में भी लगातार बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी भर गया है. जिसके बाद लोग अब पलायन को मजबूर हो गए हैं.

बाढ़ से घिरा उत्तर प्रदेश

वाराणसी में गंगा उफान पर है इसलिए गंगा के आस पास बसे इलाकों में सबसे ज्यादा संकट है. वाराणसी में तीन दिन के लिए स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

वाराणसी में गंगा और वरुणा के जलस्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है. शुबह 9 बजे तक गंगा का जल स्तर 72.46 मीटर पर पहुच गया था, जो एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रहा था.

यहां विश्व प्रसिद्ध घाट भी पूरी तरह डूब गए हैं. हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लोग गलियों नें चिता जलाने को मजबूर हो गए हैं. यहां हर तरफ पानी का सैलाब नज़र आ रहा है.

इलाहाबाद में नदियों में बदली सड़कें

इलाहाबाद के फाफामऊ में भी बाढ़ की वजह से बुरा हाल है. यहां चारों ओर सिर्फ बाढ़ का पानी ही नज़र आता है. यहां की सड़के भी अब नदियों में बदल गई हैं. इस साल यमुना का पानी आ जाने की वजह से हालत बदतर हो गए हैं. पांच दिनों से हज़ारों लोग यहां फंसे हुए हैं. कई इलाकों में लोग नाव के ज़रिए ज़रूरत का सामान जुटा रहे हैं. जबकि बेघर हुए लोगों को रिलीफ़ कैंप की शरण लेनी पड़ रही है.

बिहार में हालात सबसे बदतर

बिहार में दस लाख से ज्यादा आबादी बाढ की चपेट में हैं. छपरा जिला गंगा, गंडक और सरयू नदी से घिरा है. तीनों नदियां उफान पर है और चालीस साल बाद छपरा शहर के घरों में, दुकानों में दफ्तरों में पानी घुस गया है.

द्रपुरी बराज से छोड़ा गया पानी अब छपरा शहर में घुस गया है. हाल ये है छपरा जो कि सारण का जिला मुख्यालय है, उसका संपर्क राज्य के बाकी जिलों से कट गया है. पटना से छपरा की दूरी 60 किलोमीटर है. वहीं, राजधानी पटना के निचले इलाक़ों में पानी घुस आया है. इसके कारण कई ज़िलों में लोग बेघर हो गए हैं.

फरक्का बांध ने बिहार को डुबोया !

बिहार में जो जलप्रलय आया है उसके लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम बंगाल के फरक्का बैराज को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि गंगा नदी में बैराज की वजह से ही गाद जमा हो रही है जो बाढ़ की मुख्य वजह है. फरक्का बैराज पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और मालदा जिले में बना है.

नीतीश कुमार पिछले कई बरसों से ये मुद्दा उठाते रहे है. उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार से अपील करते हैं कि सिल्ट मैनेजमेंट के लिए नीति बनाई जाए ताकि बिहार को बर्बाद होने से बचाया जा सके. वहीं इस मामले में सीएम नीतीश कुमार ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है.

बाढ़ से तबाह हुआ लोकनायक जेपी का गांव

बिहार के कई जिलों में बाढ़ का कहर टूटा है. ABP न्यूज लोकनायक जय प्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा पहुंचा है. उनका पुश्तैनी घर बाढ़ से बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है. गंगा में आई बाढ़ ने उनके जर्जर घर को और कमजोर कर दिया है. बिहार की राजधानी पटना से करीब 175 किमी दूर सारण जिले के सिताब दियारा में जब ये पहंचे तो वहां चारों तरफ बाढ़ की बर्बादी की तस्वीरें नजर आईं. उफनती लहरों ने इन्हें भी अपना शिकार बनाने की कोशिश की लेकिन ये बाल-बाल बच गए.

जेपी के इस घर में कुछ दिन पहले तक कई फीट पानी भरा हुआ था. घर में अब उनके छोटे भाई की पत्नी फूनि देवी बची हैं. इतनी बढ़ी मुसीबत के बीच ये अब किसी तरह से अपना गुजर बसर कर रही हैं. अपना दर्द बयां करते-करते इनकी आंखें झलक गईं.

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से तबाही

मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से सतना और रीवा सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं. समाचार एजेंसियों के मुताबिक, सबसे ज़्यादा 17 लोगों की मौत मध्यप्रदेश में हुई हैं. वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दे दिए हैं.

राजस्थान में भी हालात बदतर

राजस्थान के जोधपुर सहित कई शहरों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. जिले की सात तहसीलों के गांव डूबे हुए हैं. प्रशासन मौके पर मौज़ूद है और राहत और बचाव कार्य जारी हैं. सेना और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी भारी तबाही

पश्चिम बंगाल और झारखंड में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. पश्चिम बंगाल के मालदा ज़िले में गंगा का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने की वजह से समस्या काफ़ी गंभीर हो गई है. ज़िले में गंगा नदी का जलस्तर अब भी ख़तरे के निशान से ऊपर है.

झारखंड में चार लोगों की मौत की खबर

झारखंड के कुछ जिलें बाढ़ से प्रभावित हैं. यहां लोग टेंट, तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर हैं. बारिश से कुल चार लोगों की मौत हो गई. पलामू जिले के लेस्लीगंज में दीवार गिरने से दो राहगीरों की मौत हो गई तो इसी जिले के सगालीम में सोमवार को नदी में अचानक आई बाढ़ में बह जाने से 15 साल की गीता की मौत हो गई.

पीएम मोदी ने दिया मदद का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल कहा था कि बाढ़ प्रभावित राज्यों में राहत एवं बचाव कार्यो में केंद्र पूर्ण सहायता उपलब्ध कराएगा. उन्होंने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं और उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है.

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