तीन तलाक और समान नागरिक संहिता अलग-अलग मुद्दे: अरुण जेटली

Posted by: राधिका प्रकाश Monday 17th of October 2016 05:26:44 PM

तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार की स्थिति साफ होती नजर आ रही है. आज वित्त वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग लिखकर सरकार का नजरिया स्पष्ट करने की कोशिश की है.

वित्त मंत्री ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड दो अलग अलग मुद्दे हैं. पर्नसल लॉ पर वित्त मंत्री ने अपनी राय साफ करते हुए कहा है कि कोई भी पर्सनल लॉ संविधान के हिसाब से ही होना चाहिए.

वित्त मंत्री ने लिखा, तीन तलाक की संवैधानिक वैधता और समान आचार संहिता पूरी तरह अलग हैं. सरकार का नजरिया साफ है पर्सनल लॉ संविधान के हिसाब से ही होना चाहिए. तीन तलाक को भी समानता के अधिकार और सम्मान के साथ जीने के पैमाने पर ही परखा जाना चाहिए. ये कहने की जरूरत नहीं कि दूसरे पर्सनल लॉ पर भी यही पैमाना लागू होता है. आपको बता दें कि सरकार की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भी ये बात साफ की जा चुकी है कि तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड अलग अलग मुद्दे हैं.

तीन तलाक क्या बला है

इस वक्त तीन तलाक को लेकर देश में बहस छिड़ी है। सरकार और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इसको लेकर आमने सामने हैं। सरकार तीन तलाक को संविधान के खिलाफ बता रही है तो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड धार्मिक मामलों में दखल न देने को कह रहा है।

इस बहस के बीच कई समाज के कई वर्गों में अभी यह स्पष्ट नहीं कि तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड दो अलग अलग मुद्दे हैं. सरकार इसी बात को स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है.

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