जाकिर नाईक पर राजनाथ की पहली टिप्पणी, कहा- भाषणों पर सरकार की है नजर

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Friday 8th of July 2016 07:06:49 AM

नई दिल्ली- जाकिर नाईक के मामले को भारत सरकार ने गंभीरता से लिया है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जाकिर के भाषणों पर सरकार की नजर है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से समझौता नहीं करेंगे. जाकिर नाईक के विवादों में आने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री की ओर से यह पहला बयान है. इससे पहले संकेत मिले हैं कि भड़काऊ भाषण के आरोप में विवादों में घिरे इस्लाम के प्रचारक जाकिर नाईक की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है.

जाकिर नाईक पर जल्द कसेगा शिकंजा, गिरफ्तारी की तैयारी में सरकार

इस्लाम के प्रचार प्रसार के नाम पर भड़काऊ भाषण देने वाले जाकिर नाईक पर जल्द शिकंजा कसता जा रहा है. जाकिर नाईक अभी देश से बाहर हैं उनके वतन लौटने पर गिरफ्तारी हो सकती है. पेशे के डॉक्टर इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के प्रमुख जाकिर नाईक ने अपने पुराने बयानों सफाई देने के बदले नया बयान जारी किया है.

जाकिर के समर्थन में आए फातमी

जाकिर नाईक को लेकर देश में भले ही बहस चल रही हो लेकिन उनके समर्थन करने वालों की भी कम नहीं हैं. लालू की पार्टी आरजेडी से बिहार के दरभंगा से कई बार सासंद और केंद्र में मंत्री रह चुके अशरफ अली फातमी ने कहा कि नाईक इस्लाम ही नहीं बल्कि सभी धर्मों के स्कॉलर हैं

वेंकैया ने दिए जाकिर नाईक के खिलाफ कार्रवाई के संकेत

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने गुरुवार को मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाईक के भाषणों को आपत्तिजनक बताते हुए संकेत दिया कि सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. नायडू ने कहा, गृह मंत्रालय सबका विश्लेषण करेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नाईक के भाषण आपत्तिजनक हैं. विवादित धर्म प्रचारक जाकिर नाईक हाल में फिर सुर्खियों में आए.

जब खुलासा हुआ कि ढाका के चर्चित कैफे पर एक जुलाई को हमला करने वाले आतंकियों में दो उसके भाषणों से प्रेरित हुए थे. मारे गए आतंकियों में शामिल बांग्लादेश में सत्तारूढ़ अवामी लीग के नेता का पुत्र रोहन इम्तियाज ने पिछले साल फेसबुक पर जारी एक संदेश में पीस टीवी के धर्म प्रचारक नाईक का हवाला दिया था, जिसमें नाईक ने कहा है, सभी मुसलमानों से आतंकी बन जाने का आग्रह कर रहा हूं.

बांग्लादेश हमले की निंदा करते हुए नायडू ने कहा कि आतंकियों का कोई धर्म या क्षेत्र नहीं होता. उन्होंने इसके खिलाफ पूरी दुनिया से एकजुट होने का आह्वान किया.  केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार को संकेत दिया था कि सरकार नाईक के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा था कि यह कानून का मामला है और इससे जुड़ी एजेंसियां उचित कार्रवाई करेंगी.

जाकिर नाईक अगर दोषी, तो होगी कार्रवाई: गिरिराज सिंह

केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने यहां गुरुवार को मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाईक को देश के तथाकथित धर्मनिरपेक्ष नेताओं की उपज बताते हुए कहा कि अगर नाईक दोषी पाए जाते हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले गिरिराज ने मुख्यमंत्री नीतीश पर इशारों ही इशारों में निशाना साधा.

उन्होंने कहा, बिहार में इशरत जहां को बेटी बनाने, देश में दाऊद को भाई कहने और अफजल गुरु का पक्ष लेने वाले लोग हैं. ये वे लोग हैं जो भारत माता की जय के नारे नहीं लगा पाते हैं. उन्होंने एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि भारत में अभी और भी कई जाकिर नाईक जैसे नेता और वैसे ही लोग मौजूद हैं.  गिरिराज ने कहा, देश की जनता ने राष्ट्रवादी नरेंद्र मोदी को पहचान लिया था, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री बनाया है.

देश के ऐसे दुश्मनों को अब बाहर निकाले जाने का समय आ गया है. विवादित धर्म प्रचारक जाकिर नाईक हाल में तब सुर्खियों में आए, जब खुलासा हुआ कि ढाका के चर्चित कैफे पर एक जुलाई को हमला करने वाले आतंकियों में दो उनके भाषणों से प्रेरित हुए थे.

जाकिर नाईक को लेकर दिग्विजय सिंह ने दी सफाई

मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाईक को साल 2012 में शांति दूत करार देने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को कहा कि अगर बांग्लादेश या भारत सरकार को नाईक और इस्लामिक आतंकवादी समूहों के बीच संबंधों को लेकर कोई भी सबूत मिलता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.

ढाका के एक मशहूर कैफे में एक जुलाई को आतंकवादी हमले के बाद खुलासा हुआ है कि दो हमलावरों ने नाईक के भाषणों से हमले की प्रेरणा ली थी, जिसके बाद से ही नाईक संदेह के घेरे में हैं. सिंह ने ट्वीट किया, अगर भारत सरकार या बांग्लादेश सरकार के पास जाकिर नाईक के इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ संबंधों को लेकर कोई भी सबूत है, तो उन्हें उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

सिंह का यह ट्वीट ऑनलाइन जारी उस वीडियो के बाद आया है, जिसमें दिग्विजय एक मंच पर नाईक से गले मिलते दिख रहे हैं और साल 2012 में एक सम्मेलन में उन्हें शांति दूत  करार दे रहे हैं. विवादित वीडियो में मुस्लिम उपदेशक की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, मैंने कई बार जाकिर नाईक का नाम सुना है. मैं इस बात से खुश हूं कि वे (नाईक) शांति का संदेश पूरी दुनिया में पहुंचा रहे हैं.

वीडियो का प्रसारण पीस टेलीविजन द्वारा किया गया, जिसका संचालन नाईक करते हैं. विवाद का संदर्भ देते हुए सिंह ने ट्वीट में दावा किया कि सम्मेलन सांप्रदायिक सौहार्द और आतंकवाद के खिलाफ था. एक समारोह में नाईक के साथ अपनी उपस्थिति का बचाव करते हुए सिंह ने ट्वीट किया, सम्मेलन में मेरे भाषण का आयोजन जाकिर नाईक ने किया था, जैसा कि दिख रहा है. मैंने धार्मिक कट्टरवाद व सांप्रदायिक सौहार्द के खिलाफ बोला था.

गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा था कि नाइक का भाषण हमारे लिए चिंता का विषय है और सरकारी एजेंसियां इस पर काम कर रही हैं. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने गुरुवार को कहा कि नाईक का भाषण आपत्तिजनक है और सरकार द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया.

आतंकवाद फैलाने वालों का धर्म से नाता नहीं: आमिर खान

अभिनेता आमिर खान ने गुरुवार को अपनी मां के साथ धूमधाम से ईद मनाई. उन्होंने साथ ही इस मौके पर कहा कि आतंकवाद फैलाने वालों और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने वालों का मजहब (धर्म) से कोई नाता नहीं है. अभिनेता ने कहा, मुझे लगता है कि आतंकवाद फैलाने वालों या आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने वालों का मजहब से कोई नाता नहीं है.

उन्होंने कहा, चाहे वह मुस्लिम, हिंदू, सिख या ईसाई किसी भी धर्म का हो. चाहे वे यह कहें कि वे धर्म के लिए ऐसा कर रहे हैं, लेकिन उनका धर्म से कोई नाता नहीं है, क्योंकि अगर वे सचमुच इसका पालन करें, तो वे जान जाएंगे कि मजहब हमें प्यार करना सिखाता है. विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक पर प्रतिबंध लगाने के सवाल पर भी आमिर ने बयान दिया.

उन्होंने कहा कि, मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा. मैं जो कहना चाहता था, मैंने वह कह दिया है. यह पूछे जाने पर कि उन्होंने ईद कैसे मनाई, आमिर ने कहा, ईद के मौके पर मैं अपने परिवार से मिलता हूं, उनके साथ समय गुजारता हूं. जब मैं छोटा था, तब ईदी लेने का इंतजार करता था. उन्होंने कहा, किरण और आजाद यहां नहीं हैं. वे छुट्टियां मनाने यूरोप गए हैं. मैं आजाद को ईदी में केवल दो रुपये देता हूं, ताकि वह बिगड़ न जाए. उसे ज्यादा बिगाड़ना नहीं है.

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