कश्मीर में अमन हो, यही देश चाहता है राजनाथ

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Thursday 25th of August 2016 07:15:52 AM

आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद 48 दिनों से सुलगते कश्मीर को मरहम लगाने पहुंचे गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज  मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में ही महबूबा मुफ्ती एक ग़लत सवाल से गुस्सा हो गईं और उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान बच्चों को उकसाया गया था और 5 फीसदी ही ऐसे लोग है जो हिंसा करके कश्मीर के हालात को बिगाड़ना चाहते हैं. इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि पूरा देश यही चाहता है कि कश्मीर में अमनो अमान हो.

राजनाथ सिंह ने पैलेट गन के मुद्दे पर कहा कि हमारी सरकार पैलेट गन के विकल्प पर विचार कर रही है. इसके लिए एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर दिया गया है. राजनाथ ने कहा कि पैलेट गन पर एक से दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी.

बता दें कि कश्मीर में हिंसा के दौरान पैलेट गन के प्रयोग से कई लोगों की आंखों की रौशनी चली गई है. वहीं कई लोग चेहरे और जिस्म के दूसरे हिस्सों पर पैलेट गन के छर्रे लगने से गंभीर रुप से घायल हो गए थे, जिसके बाद पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर बहस शुरू हो गई थी.

राजनाथ ने आगे कश्मीरी आवाम अपील की कि इस इलाके में अमन शांति के लिए हरेक को कोशिश करनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया कि एनकाउंटर भी रुकने चाहिए.  राजनाथ ने कहा, मैं सभी से अपील करना चाहता हूं कि युवाओं के भविष्य से खेलवाड़ नहीं किया जाए. 12-12 साल 14-14 साल के लड़कों के हाथों में कंप्यूटर और कलम होने चाहिए. कौन उन्हें बंदूक उठाने की इजाजत देते हैं.?”

इसके साथ ही राजनाथ ने कहा, “हम कश्मीर के बच्चों के भविष्य को हिंदुस्तान के बच्चों के साथ जोड़कर देखते हैं. हम कश्मीरी अवाम से अपील करते हैं कि जो लोग ऐसे हालात पैदा कर रहे हैं, वो उनकी पहचान करें.”

राजनाथ की खास बातें:-

1- स्थिति को लेकर हमारी समझ पर सवाल नहीं करें. हम समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं

2- 4000 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए. लोगों से अपील करता हूं कि वे कश्मीर में बाढ़ के दौरान निभाई गई उनकी भूमिका नही भूलें.

3- कल से विभिन्न पृष्ठभूमि के लगभग 300 लोग उनसे मुलाकात कर चुके हैं. वह चाहते हैं कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर आए. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से इसके बारे में प्रबंध करने के लिए कहा गया है.

4-बच्चे तो बच्चे हैं, अगर वे अपने हाथों में पत्थर उठाते हैं तो उन्हें समझाया जाना चाहिए.

5-महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पथराव और सुरक्षा शिविरों पर हमला कर कोई समाधान हासिल नहीं किया जा सकता

आपको बता दें कि बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर के हालात विस्फोटक हैं और घाटी के कई हिस्सों में बीते 48 दिनों से कर्फ्यू लागू है.

इससे पहले, राजनाथ सिंह और महबूबा मुफ्ती की मुलाकात हुई और राज्य के सुरक्षा हालात पर चर्चा हुई. महबूबा ने गृह मंत्री को राज्य के मौजूदा हालात से अवगत करवाया. यह बताया गया कि प्रदर्शनों और कर्फ्यू के कारण आम नागरिक को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

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