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बाबरी विध्वंस मामला: आडवाणी-जोशी-उमा सहित सभी 13 आरोपियों को मिली जमानत

Posted by: अंकित शुक्ला Tuesday 30th of May 2017 10:17:43 AM

बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत से भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती को जमानत मिल गयी है. आज मंगलवार का यह दिन भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, सांसद मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा और विष्णु हरि डालमिया के साथ करीब 11 नेता लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए. बताया जा रहा है कि भाजपा के ये सभी वरिष्ठ नेता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट करने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए. बताया यह भी जा रहा है कि भाजपा के इन वरिष्ठ नेताओं के साथ कुल 13 आरोपियों को अदालत की ओर से 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी गयी है.

गौरतलब है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के केस में सीबीआई की विशेष अदालत में मंगलवार को लाल कृष्ण आडवाणी, सांसद मुरली मनेाहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा और विष्णु हरि डालमिया समेत 11 नेताओं के खिलाफ आरोप तय कर सकती है. इन नेताओं पर बाबरी ढांचा ढहाये जाने की साजिश रचने का आरोप है. कोर्ट ने सभी नेताओं को सुनवाई के दौरान मौजूद रहने का आदेश पहले ही दे दिया है.

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में 25 मई को महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, चंपत राय बंसल, धर्मदास और डॉ सतीश प्रधान के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके थे. हालांकि, सतीश प्रधान को छोड़कर इनमें से कोई भी कोर्ट में हाजिर नहीं था. अदालत ने इन लोगों को भी आरोप तय होने के समय पर अदालत में उपस्थित रहने का आदेश दिया है.

अपने आदेश में अदालत ने कहा था कि 30 मई को सुनवाई के दौरान इन आरोपियों की ओर से दायर की गयी कोई भी अर्जी मंजूर नहीं की जायेगी. इसका कारण यह है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के मुताबिक दो महीने के अंदर आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर देना है.

बता दें कि अदालत अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाये जाने से जुडे़ दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई कर रही है. पिछली सुनवाई के दौरान राम विलास वेदांती ने अदालत से कहा था कि मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने ही ढांचे को तुड़वाया था, क्योंकि उस समय आडवाणी, जोशी और उमा भारती आधा ढांचा गिर जाने के बाद आये थे. मैंने श्रीराम को अपना ईष्टदेव मानकर, श्रीकृष्ण के कहे हुए शब्दों पर अपना मन लगाया और बाबरी ढांचे को गिराने का संकल्प लिया.

बाबरी ढांचे को गिराने के एक दिन पहले रात में तत्कालीन पीएम पीवी नरसिम्हा राव का फोन आया था. उन्होंने मुझसे पूछा कि कल क्या होगा. इस पर मैंने कहा कि बाबरी ढांचे को गिराया जायेगा और राम मंदिर बनेगा, लेकिन आपकी मदद की जरूरत होगी. इसका कारण यह है कि अगर आपकी तरफ से सेना भेजी गयी, तो ये काम संभव नहीं हो पायेगा.

इसके बाद नरसिम्हा राव ने कहा कि हमारा आपको पूरा समर्थन है. इसके बाद सुबह जैसे ही तैयार होकर मंदिर की तरफ हम निकलने लगे, तो गौरी-गणेश के पूजन से पहले फिर नरसिम्हा राव का फोन आया. उन्होंने पूछा कि क्या स्थिति है. मैंने कहा कि श्रीराम का जयकारा लगना बाकी है. बाकी पूरा प्रबंध हो गया है. इस पर उन्होंने कहा कि चिंता न करो, हम आपके साथ हैं.

कोर्ट के बाहर लगे 'जय श्री राम' के नारे

सुनवाई के लिए जब आडवाणी, जोशी और उमा सीबीआई की विशेष अदालत पहुंचे तो कोर्ट के बाहर इकट्ठे हुए उनके समर्थकों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए.

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया है और हमारे नेता कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे, हम समझते हैं सभी को न्याय मिलेगा.

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