Pubic aakrorsh

घर में मौजूद थी पुलिस, फिर भी हो गई हत्या

Posted by: अनुज निगम 4 Saturday 22nd of November 2014 05:14:27 PM


नई दिल्ली। गांधी नगर में छात्र का अपहरण कर हत्या  किए जाने के मामले में पुलिस की घोर लापरवाही भी सामने आई है। जब मंगलवार की शाम ही उत्कर्ष के गायब होने की सूचना दे दी गई तो पुलिस ने उसे तलाश करने की जरूरत क्यों नहीं समझी।  पुलिस वाले आभूषण कारोबारी मुकेश वर्मा के घर पर ही डेरा डाले रहे और उधर बदमाशों ने बच्चे का कत्ल कर दिया। 
सूत्रों ने बताया कि पुलिसकर्मी रातभर उत्कर्ष के घर से ही बदमाशों को पकडऩे की रणनीति बनाते रहे।  लेकिन, न तो वे अपहर्ताओं तक पहुंच सके और न ही उत्कर्ष को सकुशल वापस ला सके। अपहर्ता ने रात को फोन करके रुपए लाने के लिए दोबारा कॉल करने की बात कही थी, इसके बाद से पुलिस उसके फोन का इंतजार करती रही।  जबकि बदमाशों की कॉल को ट्रेस करके तलाश शुरू कर देनी चाहिए थी, संभव था कि पुलिस को सफलता मिल जाती और उत्कर्ष बचा लिया जाता।  बुधवार की सुबह आभूषण व्यापारी के घर से डेढ़ किलोमीटर दूर शव मिलने से यह बात तो साफ है कि अपहर्ता आसपास ही छिपे थे और प्रयास किया जाता तो पकड़ा जा सकता था।  
उधर  पुलिस उपायुक्त अजय कुमार का कहना है कि पुलिस रात भर इस मामले में लगी हुई थी। रात में कई जगह छापेमारी भी की गई थी। पुलिस की ओर से लापरवाही नहीं की गई और बदमाशों तक पहुंचने की हर संभव कोशिश की गई थी।  उत्कर्ष की हत्या से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बुधवार को पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोग पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर गांधी नगर थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग कर रहे थे।  स्थानीय निवासी और आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि बच्चे के अगवा होने की जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस ने तेजी नहीं दिखाई। इसी कारण बदमाशों ने रात के समय बड़ी आसानी बच्चे का मारा और शव छोड़कर भागने में काययाब हो गए।
 

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