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उप्र के सरकारी चिकित्सालयों में मानक के हिसाब नर्स नहीं

Posted by: Publlic Akrosh ADMIN Monday 10th of November 2014 07:38:14 AM

लखनऊ। सरकारी चिकित्सालयों में भारत सरकार के मानक के अनुसार 03 बेेड पर 01 स्टाफ नर्स 08 घंटे हेतु कार्यशील रहनी चाहिए। वहीं शासकीय उदासीनता के कारण उत्तर प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में 10 बेड पर 01 स्टाफ नर्स 24 घंटे के लिए तैनात की जाती है। इस वजह से नर्सेस पर कार्य का अधिक बोझ रहता है। जिससे मरीजों की देखभाल सही ढंग से नहीं हो रही है। यह जानकारी राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने गुरूवार को बलरामपुर अस्पताल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी।  महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि सूबे में लगभग 230 चिकित्सा इकाइयों में लगभग 60,000 बेड हैं जिसके सापेक्ष मात्र 6000 ही नर्सेस के पद सृजित हैं। जिसमें लगभग 2500 पद विगत कई वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। इन पदों पर भर्ती विधिक कारणों से नहीं हो पा रही है। इस प्रकार अब लगभग 14 हजार पदों की अतिरिक्त आवश्यकता है।  नर्सेज संघ ने की केन्द्र के समान सुविधाएं प्रदान की मांग  राजकीय नर्सेज संघ ने प्रदेश सरकार से केन्द्र सरकार में तैनात नर्सों के समान सुविधाएं प्रदान करने की मांग की है। नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि उ.प्र. में नर्सिंग कर्मियांे को नर्सिंग बोर्डिंग एलाउन्स 115 रू.प्रतिमाह,यूनीफार्म एलाउन्स रू.2500, पांच वर्ष में एक बार एवं वासिंग एलाउन्स 100 रू. प्रतिमाह ही मिलता है। जबकि केन्द्र में नर्सिंग बोर्डिंग एलाउन्स 3200 रू.प्रतिमाह,यूनीफार्म/वासिंग एलाउन्स रू. 800 प्रतिमाह मिलता है, जो डी.ए.वेतन बढ़ने पर 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाता है।नर्सेस संघ का कहना है कि वर्तमान में महंगाई को ध्यान में रखते हुए यूपी की नर्सों को मिलने वाली सुविधाएं काफी कम है। ऐसे में नर्सेस से साफ-सुथरी एवं प्रेस की हुई ड्रेस पहन कर ड्यूटी करने की अपेक्षा करना बेईमानी है।

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